ANIL सस्ती कीमत पर ग्रीन हाइड्रोजन और इसके डेरिवेटिव्स बनाने के लिए एंड-टु-एंड सॉल्यूशन डेवलप कर रही है। कंपनी का 10 साल मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाला पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट गुजरात में चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण से फाइनेंशियल ईयर 2027 से प्रॉडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी की योजना अगले 10 साल में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की क्षमता 30 लाख टन पहुंचाने की योजना है। इसके लिए 50 अरब डॉलर निवेश की योजना है।
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नई दिल्ली: गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। ग्रुप ने जापान, ताइवान और हवाई में ग्रीन अमोनिया, ग्रीन हाइड्रोजन और इसके डेरिवेटिव्स की मार्केटिंग के लिए एक जॉइंट वेंचर बनाया है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की सब्सिडियरी अडानी ग्लोबल पीटीई लिमिटेड, सिंगापुर ने सिंगापुर की कंपनी कोवा होल्डिंग्स एशिया पीटीई लिमिटेड के साथ हाथ मिलाया है। जॉइंट वेंचर में दोनों की 50-50 परसेंट हिस्सेदारी है। अडानी ग्रुप ने अपने ग्रीन एनर्जी बिजनस के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) बनाया है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट
अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अडानी ग्रुप के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि ग्रुप ने इन आरोपों से इनकार किया है। लेकिन इस कारण फ्रांस की कंपनी टोटल एनर्जी ने अडानी ग्रुप के खिलाफ जांच पूरी होने तक ग्रीन हाइड्रोजन कारोबार में अपना निवेश रोक दिया था। पिछले साल उसने ANIL में 25 परसेंट हिस्सेदारी के लिए चार अरब डॉलर लगाने की घोषणा की थी। अडानी ग्रुप का कहना है कि अब वह अपने दम पर इस बिजनस को आगे बढ़ा रहा है।











