एसीईओ सतीश पाल ने कहा कि अगर कहीं पेयजल की दिक्कत होती है तो उन स्थानों के लिए टैंक की अतिरिक्त व्यवस्था कराई जाए। दरअसल, हर साल इसी तरह गंगनहर की सफाई की जाती है और लोगों को पानी की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंगाजल बंद होने के बाद शहर में खारे और मीठे को मिक्स कर सप्लाई की तैयारी है। वर्तमान में नोएडा में 240 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई की जाती है। इसमें इतना ही सप्लाई का पानी मिलाकर इसका टीडीएस स्तर 800 से 900 के आसपास बनाया गया है।
नए एसीईओ करेंगे जांच
37 क्यूसेक गंगाजल की लाइन की जांच के लिए एसीईओ प्रभाष कुमार की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई थी। उनका ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में एसीईओ सतीश पाल ने बैठक के दौरान कहा कि जल्द से जल्द नए एसीईओ को इसके लिए नामित किया जाएगा। दरअसल, इस पूरे मामले को 210वीं बोर्ड में लाया गया था। वहां अनुमोदन के बाद इस योजना पर एक जांच कमेटी गठित करने पर सहमति बनी थी।











