सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में फ्रांसीसी दूतावास ने लिखा है 'फ्रांस से भारत और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तक 'पेगास 26' फ्रांस की हवाई ताकत के प्रदर्शन और रणनीतिक साझेदारों के साथ सहयोग मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।' यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब फ्रांस के चार राफेल फाइटर जेट तीन महाद्वीपों और कई रणनीतिक रूप से अहम इलाकों में लगभग 40 दिनों और 40,000 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं।
राफेल विमानों के साथ फ्रांस का शक्ति प्रदर्शन
फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्रालय के मुताबिक यह मिशन 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें चार राफेल विमान, तीन A330 MRTT एरियल रीफ्यूलिंग विमान, दो A400M ट्रांसपोर्ट विमान और लगभग 300 कर्मी शामिल हैं। पेगास 26 आर्कटिक, इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व को जोड़ने वाले रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्रालय ने कहा है कि तैनाती की शुरुआत ग्रीनलैंड की ओर एक उड़ान से हुई जिसके बाद यह कनाडा और अलास्का से होते हुए जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और भारत की ओर बढ़ी है।इस यात्रा कार्यक्रम में कतर, ला रीयूनियन और मिस्र भी शामिल हैं। एसोसिएटेड प्रेस न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक राफेल जेट फ्रांस से अलास्का के लिए ग्रीनलैंड होते हुए उड़े। इस यात्रा में लगभग 11 घंटे लगे और रास्ते में पांच बार हवा में ईंधन भरने (एरियल रीफ्यूलिंग) की प्रक्रिया की गई। AP ने यह भी बताया कि यह पहला 'पेगास' मिशन है जो अलास्का की ओर जाने के लिए ग्रीनलैंड के ऊपर से उत्तरी रास्ते से गुजरा है।
