फॉक्सकॉन की सहयोगी कंपनी एफआईआई इलेक्ट्रॉनिक डेवाइसेज, क्लाउड सर्विस इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल रोबोट्स बनाती है। सोमवार को तमिलनाडु की सरकार ने एक बयान में दावा किया था कि एफआईआई ने उसके साथ एक डील साइन की है। कंपनी की चेन्नई के करीब कांचीपुरम जिले में 1,600 करोड़ रुपये के निवेश से एक कैंपस बनाने की योजना है। तमिलनाडु सरकार का कहना था कि यह फैसलिटी चेन्नई के प्लांट से अलग होगी। चेन्नई में फॉक्सकॉन के प्लांट में 35,000 से अधिक लोग काम करते हैं। इस प्लांट में ऐपल का आईफोन एसेंबल किए जाते हैं।
तमिलनाडु में 1,600 करोड़ रुपये निवेश करेगी फॉक्सकॉन जानिए कंपनी ने क्या कहा
नई दिल्ली: फॉक्सकॉन (Foxconn) ने इस बात से इन्कार किया है कि उसने एक नई फैसिलिटी बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ 1,600 करोड़ रुपये की एक डील की है। रॉयटर्स ने चीन की सिक्योरिटी टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के हवाले से यह खबर दी है। फॉक्सकॉन कॉन्ट्रैक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली ताइवान की दिग्गज कंपनी है। रिपोर्ट के मुताबिक फॉक्सकॉन की सहयोगी कंपनी फॉक्सकॉन इंडस्ट्रियल इंटरनेट (Foxconn Industrial Internet) ने कहा कि उसने कोई इन्वेस्टमेंट डील साइन नहीं की है। इससे पहले कंपनी ने जुलाई में भी इसी तरह की अफवाहों पर सफाई देते हुए इससे इन्कार किया था।
चिप डील से किनारा
फॉक्सकॉन ने इससे पहले वेदांता के साथ मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ज्वाइंट वेंचर बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन अंतिम समय में फॉक्सकॉन ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। अब वेदांता की दूसरी कंपनियों के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है। भारत और दुनिया में सेमीकंडक्टर चिप का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि दुनियाभर के बड़े देश चिप की सप्लाई चेन पर कब्जा करना चाहते हैं।











