अपोलो सेज अस्पताल में पहली बार दो घुटनों की रोबोटिक सर्जरी, चंद घंटे बाद ही चलने लगा मरीज

अपोलो सेज अस्पताल में पहली बार दो घुटनों की रोबोटिक सर्जरी, चंद घंटे बाद ही चलने लगा मरीज
भोपाल। शहर में स्थित अपोलो सेज अस्पताल में रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण एवं आर्थोस्कोपी सर्जरी शुरू हो गई। इसी कड़ी में बुधवार को क्षेत्र में पहली बार दो घुटनों की रोबोटिक सर्जरी की गई। भोपाल के 65 वर्षीय मरीज की लैंडमार्क वेलिस रोबोटिक सर्जरी सफल रही। सर्जरी के चंद घंटे बाद ही मरीज चलने भी लगा। इतना ही नहीं, 24 घंटे पूरे होने पर मरीज को सीढ़ियां चढ़ाने की भी तैयारी है। मध्य भारत के प्रख्यात रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण एवं ऑर्थोस्कोपी सर्जन डा. विनय तंतुवे व चिकित्सकों की टीम ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।डॉ. विनय ने बताया कि मरीज ने सर्जरी के चंद घंटों बाद ही चलना शुरू कर दिया। अब सर्जरी के 24 घंटे बाद दूसरे दिन उन्हें सीढ़ी चढ़ाई जाएंगी। जिससे उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़े। डा. विनय के मुताबिक ऐसा करना मरीज की जल्द रिकवरी में मदद करेगा। इसके साथ ही डा. विनय ने 10 हजार से अधिक सफल सर्जरी करने का आंकड़ा भी पार कर लिया है।
डा. विनय तंतुवे ने आगे कहा कि घुटने के कमजोर होने और आस्टियोआर्थराइटिस की वजह से रोगी को चलने से लेकर उठने-बैठने में भी तीव्र दर्द होता था। साथ ही उनके रोजमर्रा के जीवन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। इसको देखते हुए उनका रोबोटिक प्रणाली से आपरेशन किया गया। इस दौरान अस्पताल के आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के हड्डी रोग व जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डा. विवेक तिवारी, डा. चेतन सिंह व उनकी एक्सपर्ट टीम शामिल रही। इस पूरी टीम को मध्य भारत की बेहतरीन यूनिट में गिना जाता है। सेज ग्रुप के सीएमडी इंजी संजीव अग्रवाल हास्पिटल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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