पहले रणथंभौर से सरिस्का में एयरलिफ्ट किया गया था बाघिन को
बता दें कि पहली बार देश में ऐसा होगा कि जब बाघिन को एक स्टेट से दूसरे स्टेट एयरलिफ्ट करके लाया जा रहा हो। हालांकि इससे पहले साल 2008 में एक मेल टाइगर को रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सरिस्का एयरलिफ्ट करके ले जाया गया था।
स्पीकर ओम बिरला की सिफारिश से सपना पूरा
बाघिन को हेलीकॉप्टर से लाने के लिए एसीएस आनंद कुमार ने महीने भर पहले रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा था। हालांकि इसकी मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद तत्कालीन मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक शिखा मेहरा और सीनियर आईएफएस राजेश गुप्ता ने सरकार की पहल पर स्पीकर ओम बिरला के यहां सिफारिश की। सड़क मार्ग से 24 घंटे लगते। इतने लंबे सफर में बाघिन के पिंजरे में चोटिल होने और ट्रॉमा में जाने की आशंकाएं थीं। हवाई सफर से करीब 2 घंटे में बाघिन पेंच से रामगढ नए घर में पहुंचेगी।











