भोपाल / “सागारा जैसे आयोजन हमारे छात्रों को कक्षा के बाहर आतिथ्य कला को व्यावहारिक रूप से अनुभव करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम भारत की समृद्ध पाक विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ अपने युवा शेफ्स में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और पेशेवर उत्कृष्टता को विकसित करने का प्रयास करते हैं,” यह बात आईएचएम भोपाल के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन ने “सागारा 3.0 – जाम-ए-अवध” के सफल आयोजन के अवसर पर कही। यह अवधी विरासत फूड फेस्टिवल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), भोपाल द्वारा आयोजित किया गया।
आईएचएम भोपाल के प्रमुख फूड फेस्टिवल सागारा का तीसरा संस्करण 13 मार्च 2026 की शाम आयोजित किया गया, जिसमें अवधी व्यंजनों की शाही परंपरा को प्रामाणिक लखनवी अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, क्षेत्रीय कार्यालय (पश्चिम एवं मध्य) द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा अमूल के सहयोग से आयोजित हुआ। इस आयोजन में अवध की शाही रसोइयों की समृद्ध पाक परंपराओं को विशेष रूप से तैयार किए गए मेन्यू, पारंपरिक प्रस्तुति और आकर्षक सांस्कृतिक वातावरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आईएचएम भोपाल के 100 से अधिक छात्रों और अनुभवी फैकल्टी सदस्यों ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फेस्टिवल में लाइव कुकिंग काउंटर विशेष आकर्षण रहे, जहां शेफ्स ने प्रसिद्ध अवधी व्यंजन जैसे गलावटी कबाब, काकोरी कबाब, मुरग टिक्का, पनीर टिक्का, निहारी गोश्त, मुरग कोरमा, दम आलू लखनवी सहित कई पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। इन व्यंजनों के माध्यम से मेहमानों को मुगलकालीन रसोइयों की शाही परंपरा और लखनऊ की उत्कृष्ट पाक कला का अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के वातावरण को और भी आकर्षक बनाने के लिए अवधी सांस्कृतिक प्रस्तुति और सूफी संगीत का आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को अवध की मेहमाननवाजी, संस्कृति और कलात्मक परंपराओं से परिपूर्ण बना दिया। इस आयोजन की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि इसमें आईएचएम भोपाल के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र (Alumni) भी उपस्थित रहे, जो आज हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं। उनकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और गौरवपूर्ण बना दिया। उन्होंने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और युवा पीढ़ी को अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। सागारा 3.0 – जाम-ए-अवध के माध्यम से आईएचएम भोपाल ने एक बार फिर भारत की विविध और समृद्ध पाक विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ अपने छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आतिथ्य कौशल प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान किया।











