योजना के तहत प्लॉट खरीदने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 4 जून तय की गई है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि अंतिम दिनों में आवेदन की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।
एक प्लॉट पर 57 लोगों की दावेदारी
मधुबन बापूधाम योजना के तहत केवल 350 लोगों को ही लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। लेकिन मौजूदा स्थिति में एक प्लॉट पर औसतन 57 लोग दावेदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि योजना को लेकर लोगों में भारी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है।जीडीए के अधिकारियों के अनुसार अंतिम तिथि तक आवेदन संख्या 22 हजार से 25 हजार के बीच पहुंच सकती है।
1100 रुपये में फॉर्म, साथ जमा करनी पड़ रही राशि
योजना में आवेदन करने के लिए लोगों को 1100 रुपये में आवेदन फॉर्म खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा आवेदनकर्ता को चुने गए प्लॉट की कीमत का एक हिस्सा भी जमा करना अनिवार्य है। जनरल श्रेणी के आवेदकों को प्लॉट कीमत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी श्रेणी के लोगों को 5 प्रतिशत राशि जमा करनी पड़ रही है।जीडीए के अपर सचिव पीके सिंह का कहना है कि योजना को लेकर लोगों में उम्मीद से ज्यादा उत्साह है और आने वाले दिनों में आवेदन और बढ़ने की संभावना है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जीडीए इन प्लॉट्स को केवल 35 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उपलब्ध करा रहा है, जबकि आसपास के इलाकों में जमीन की कीमत इससे काफी अधिक है।
40 से 200 वर्गमीटर तक के प्लॉट
मधुबन बापूधाम योजना में विभिन्न वर्गों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना में 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल हैं।सबसे बड़ी बात यह है कि जीडीए इन प्लॉट्स को केवल 35 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उपलब्ध करा रहा है, जबकि आसपास के इलाकों में जमीन की कीमत इससे काफी अधिक है।
अवैध कॉलोनियों से भी सस्ते प्लॉट
लोगों की बढ़ती दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह योजना की कीमत और वैधता मानी जा रही है। मधुबन बापूधाम के आसपास की कई अवैध कॉलोनियों में जमीन के रेट जीडीए योजना से ज्यादा बताए जा रहे हैं।ऐसे में लोग जोखिम से बचने और सुरक्षित निवेश के लिए जीडीए की वैध और सुविधायुक्त योजना को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि मध्यम वर्ग के परिवारों के बीच इस योजना को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।











