मथुरा के सोंख गांव से मालपुआ को बनाने के लिए 45 कारीगरों का दल बुलाया जा रहा है। ये कारीगर 11 जून को कैंची पहुंच जाएंगे। इन कारीगरों के सहयोग के लिए करीब 24 लोग मंदिर ट्रस्ट के भी मौजूद रहेंगे। प्रसाद के साथ मिलने वाली सब्जी कागज से बने गिलास में उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से बनाए गए ढाई लाख गिलास भी मंदिर में पहुंच गए हैं। पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कागज से निर्मित सामग्री उपयोग में लाने के मकसद से ये सब किया जा रहा है।
मंदिर कमेटी के मुताबिक मेले में मिलने वाला प्रसाद मालपुआ बनाने का काम 12 जून से पूजा पाठ के साथ शुरू होगा। प्रसाद बनाने का काम मेला समाप्त होने तक चलेगा। प्रसाद का सामान मंदिर परिसर में पहुंच गया है।











