त्योहारी डिमांड और अनियमित बारिश के कारण खरीफ के मौसम में कम उत्पादन के कारण प्याज और टमाटर की कीमतों में वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में घर में बनी शाकाहारी और मांसाहारी थालियों की कीमत में मासिक आधार पर 10 प्रतिशत और पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मासिक आधार पर मुर्गियों की कीमतों में मामूली एक से तीन प्रतिशत की गिरावट आई। मांसाहारी थाली की कीमत में मुर्गियों की कीमत का 50 प्रतिशत योगदान है।
प्याज और टमाटर की कीमतों में क्रमशः 93 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की वृद्धि के कारण शाकाहारी थाली की कीमत सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़ गई। दालों की कीमतें सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ी। इनका शाकाहारी थाली की कीमत में नौ प्रतिशत योगदान है। घर पर बनी भोजन की थाली की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित कच्चे माले की कीमतों के आधार पर की जाती है।











