क्या है हुआ है नया
सेना के साथ एमओयू होने के बाद पतंजलि योगपीठ ने इस दिशा में तेजी से काम किया है। अब संगठन के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए एक्स सर्विसमैन से आवेदन मंगाए गए हैं। कंपनी ने पूर्व सैनिकों से बायोडाटा भेजने के लिए कहा है। कंपनी ने इसके लिए एक विशेष ईमेल आईडी esm.initiative@patanjaliayurved.org भी जारी किया है। सेना के रिटायर्ड जवानों को इसी ईमेल आईडी पर बायोडाटा भेजने को कहा गया है, जिसमें उनका पूरा नाम, पता और सेना में कुछ सेवावधि का अवश्य उल्लेख हो।
सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा
इस बारे में आचार्य बालकृष्ण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिख कर अपनी बातें रखीं। उसका टेक्स्ट हम यहां नीचे दे रहे हैं...
#सेना और #पतंजलि के बीच MOU के अनुसरण में…..
पतंजलि नाम है संकल्प का! पुरुषार्थ का!
हम अपने सेवानिवृत्त सैनिक भाइयों (सेना व अर्ध सैनिक बल) को आमंत्रित करते हैं कि आप अपने बायोडाटा निम्न e-mail id पर भेजें esm.initiative@patanjaliayurved.org
इच्छुक ESM को इस मेल आईडी पर अपना नाम, उम्र, निवास स्थान, नौकरी प्रोफ़ाइल के लिए आवेदन, सेना में कार्य अनुभव, किसी भी विविध Hobbies /उपलब्धियों के साथ आवेदन करना होगा।
आपकी योग्यता अनुसार यहां आवश्यकता होने पर वरीयता के आधार पर आपको पतंजलि के सेवा करें उसे जोड़कर हमें प्रसन्नता होगी। सेवानिवृत्ति के बाद की नौकरियों के लिए पतंजलि में आवेदन करने वाले पूर्व सैनिकों को पहाड़ों में ही उपयुक्त नौकरियां ढूंढने, बड़े पैमाने पर पतंजलि के साथ जुड़ने और यहां तक कि शहरों की ओर पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
इस बारे में आचार्य बालकृष्ण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिख कर अपनी बातें रखीं। उसका टेक्स्ट हम यहां नीचे दे रहे हैं...
#सेना और #पतंजलि के बीच MOU के अनुसरण में…..
पतंजलि नाम है संकल्प का! पुरुषार्थ का!
हम अपने सेवानिवृत्त सैनिक भाइयों (सेना व अर्ध सैनिक बल) को आमंत्रित करते हैं कि आप अपने बायोडाटा निम्न e-mail id पर भेजें esm.initiative@patanjaliayurved.org
इच्छुक ESM को इस मेल आईडी पर अपना नाम, उम्र, निवास स्थान, नौकरी प्रोफ़ाइल के लिए आवेदन, सेना में कार्य अनुभव, किसी भी विविध Hobbies /उपलब्धियों के साथ आवेदन करना होगा।
आपकी योग्यता अनुसार यहां आवश्यकता होने पर वरीयता के आधार पर आपको पतंजलि के सेवा करें उसे जोड़कर हमें प्रसन्नता होगी। सेवानिवृत्ति के बाद की नौकरियों के लिए पतंजलि में आवेदन करने वाले पूर्व सैनिकों को पहाड़ों में ही उपयुक्त नौकरियां ढूंढने, बड़े पैमाने पर पतंजलि के साथ जुड़ने और यहां तक कि शहरों की ओर पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।











