अयातुल्ला खुमैनी ने हिब्रू में सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट में खुमैनी ने लिखा है कि इजरायल गाजा में कितनी भी बमबारी कर ले लेकिन उस करारी हार की भरपाई नहीं कर सकता है जो उसे 7 अक्टूबर को झेलनी पड़ी है। गाजा पर बमबारी करके वह अपनी ही जिंदगी को कम कर रहा है। गाजा का युद्ध उसके लिए अनुत्तरित नहीं रहेगा, वह ये ना माने कि इसका जवाब उसको कभी नहीं मिलने वाला है।
ईरान लगातार दे रहा है इजरायल को चेतावनी
इजरायल की ओर से गाजा में हमले शुरू किए जाने के बाद से ही ईरान आक्रामक रुख दिखा रहा है। अयातुल्ला खुमैनी और दूसरे ईरानी नेताओं ने अधिकारियों ने ये धमकी दी है कि अगर गाजा में बमबारी चलती रही तो फिर ये संघर्ष पूरे इलाके में फैल जाएगा। ईरान की ओर से इजरायल को एक से ज्यादा मोर्चों पर घेरने की भी बात कही जाती रही है। ईरान की ओर से हमास को भी समर्थन मिल रहा है और ईरान समर्थित हिज्बुल्ला ने भी इजरायल पर रॉकेट और एंटी-टैंक मिसाइलों से हमले किए हैं। यमन में भी ईरान समर्थित हूती विद्गोहियों ने लगातार इजरायल को निशाना बनाया है। दोनों संगठन लगातार ने कहा है कि युद्ध जारी रहने पर वह भी पूरी तरह से इस लड़ाई में शामिल हो जाएंगे।बता दें कि गाजा पट्टी में फिलहाल युद्ध विराम चल रहा है। इजरायल और हमास ने बंधकों की रिहाई के लिए युद्ध विराम करने का समझौता किया है। समझौते में इजरायल फिलीस्तीन के 150 कैदी जेल से रिहा करेगा और हमास की ओर से 50 बंधक छोड़े जाएंगे। ये विराम शुक्रवार से शुरू हो गया है। शुक्रवार को हमास ने 13 इजरायली बंधकों को मिस्र के रास्ते इजरायल को सौंप दिया, जिसके बदले में इजरायल ने 39 कैदियों को गाजा भेजा दिया। फिलहाल ये युद्धविराम चार दिन के लिए किया गया है।











