स्टारशिप की यह 11वीं फुल स्केल परीक्षण उड़ान थी। इसका इस्तेमाल स्पेसएक्स के संस्थापक और सीईओ एलन मस्क लोगों को मंगल ग्रह पर भेजने के लिए करना चाहते हैं। अंतरिक्ष एजेंसी अपने इस 403 फुट (123 मीटर) लंबे स्टारशिप के बिना दशक के अंत तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर नहीं उतार सकती। ऐसे में यह एक प्रयोज्य वाहन (रीयूजेबल व्हीकल) है, जो उन्हें चंद्रमा की कक्षा से सतह तक और वापस ऊपर ले जाने के लिए बनाया गया है।
मस्क ने देखा टेस्ट
एलन मस्क ने कहा कि हमेशा की तरह लॉन्च कंट्रोल के अंदर रहने के बजाय, वह पहली बार बाहर जाकर देख रहे थे। स्टारशिप की अगस्त में हुई पिछली परीक्षण उड़ान कई विस्फोटक विफलताओं के बाद सफल मानी गई थी।। इस बार विशेष रूप से अंतरिक्ष यान के लिए अधिक पैंतरेबाजी की गई। स्पेसएक्स ने प्रक्षेपण स्थल पर वापस उतरने में हिंद महासागर में अंतरिक्ष यान के प्रवेश के दौरान कई परीक्षणों की योजना बनाई थी।दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। इस उड़ान का मकसद अगली जेनरेशन सुपर हेवी बूस्टर के लिए डेटा कलेक्ट करना, हीटशील्ड का स्ट्रेस टेस्ट और फ्यूचर रिटर्न टू लॉन्च साइट मैन्यूवर्स का प्रदर्शन है। भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर ही वापस लाना इसका उद्देश्य है।
