प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी आज राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करेंगे। संविदा कर्मचारियों को नियमित करने सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर "यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लॉईज एंड इंजीनियर्स" के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे नीलम पार्क में शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में बिजली विभाग के कर्मचारी भाग लेंगे।
फोरम के प्रवक्ता लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 4 जुलाई तक सरकार से चर्चा होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई। मजबूरन अब हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे काम बंद हड़ताल भी हो सकती है।
5 हजार संविदा कर्मचारी कर रहे सेवा पर भविष्य असुरक्षित
बिजली विभाग में करीब 5 हजार संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। ये सभी कर्मचारी लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेरिट प्रक्रिया से चयनित हुए हैं, लेकिन नियमितीकरण न होने के चलते वे भविष्य को लेकर चिंतित हैं।प्रवक्ता के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के 100 से ज्यादा संविदा कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं।
श्रीवास्तव का कहना है कि 10 से 12 वर्षों से सेवाएं दे रहे अनुभवी कर्मचारी बेहतर भविष्य की तलाश में दूसरे विभागों में शिफ्ट हो रहे हैं। यदि जल्द ही सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो बिजली सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
इन मांगों को लेकर आंदोलन
- संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित किया जाए।
- बिजली कंपनियों में गृह जिला ट्रांसफर (कंपनी टू कंपनी) नीति बनाई जाए।
- संविदा नीति 2023 में महंगाई भत्ता DA, इंक्रीमेंट जोड़ा जाए।
- राजस्व सहायक अधिकारी एवं कार्यालय सहायक उच्च शिक्षा प्राप्त समकक्ष पद पर तकनीकी पद दिया जाए। प्रथम हायर स्केल दिया जाए।
- मध्य क्षेत्र में संविदा परीक्षण सहायक की वेतन विसंगति दूर की जाए।
- संविदा नीति 2023 में पूर्व से निर्धारित भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए।
- राष्ट्रीय अवकाश एवं उत्सव अवकाश में संविदाकर्मियों को काम करने पर दोगुना मानदेय दिया जाए।
- नियमित कर्मियों के समान नियम अनुसार 9, 18, 35 वर्ष पूर्ण करने पर उच्च वेतनमान एवं प्रमोशन दिया जाए।
- शासकीय सेवा में संविदा से सीधी भर्ती होने पर 3 वर्ष की परीक्षा अवधि 70, 80 और 90 नियमावली को समाप्त किया जाए।











