ग्वालियर। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से अब गाड़ी चलाना महंगा हो चुका है। ऐसे में ई-व्हीकल बेहतर आप्शन बनकर उभरे हैं। लगातार ई-व्हीकल की डिमांड बढ़ भी रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने एक जून से लिथियम आयन बैट्ररी वाले ई-व्हीकल पर मिलने वाली सब्सिडी घटा दी। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा। लेड एसिड बैटरी वाले ई-व्हीकल डिमांड में आ गए। इसकी वजह कीमत कम होना बताया जा रहा है। हालांकि जो परफारमेंस को प्राथमिकता दे रहे हैं, उनका भरोसा- लिथियम आयन बैटरी वाले ई-व्हीकल पर ही टिका हुआ है।
केंद्र सरकार की तरफ से मिल रही थी सब्सिडी
-केंद्र सरकार लिथियम आयन वाले दो पहिया ई-व्हीकल पर सब्सिडी दे रही थी। फेम-2 योजना के तहत एक जून से पहले ई-व्हीकल की खरीद पर प्रति किलो वाट 15 हजार रुपये की छूट दी जा रही थी। एक्स फैक्ट्री प्राइज पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही थी। जब यह सब्सिडी दी जा रही थी तब लिथियम आयन बैटरी वाले महंगे ईवी भी डिमांड में थे। एक दो पहिया लिथियम आयन बैटरी वाले वाहन की खरीद पर 17 से 66 हजार तक की सब्सिडी मिल जाती थी। जो वाहन डेढ़ लाख रुपये से अधिक कीमत का होता था, वह वाहन सब्सिडी मिलने के बाद करीब एक लाख रुपये तक का हो जाता था, इसलिए यह ट्रेंड में आया। इसके लिए शर्त भी यही थी, दो पहिया ईवी की कीमत 1.50 लाख होनी चाहिए, जबकि कार की कीमत 15 लाख रुपये होनी चाहिए।
- अब सब्सिडी घटना दी गई है। एक्स फैक्ट्री प्राइज पर 40 प्रतिशत से घटनाकर 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। इसका असर बाजार में दिखा है। लिथियम आयन बैटरी वाले दो पहिया वाहनों की बिक्री पर असर पड़ा है। कारोबारी कहते हैं कि औसतन दो वाहन रोज बिकते थे, लेकिन सब्सिडी कम होने से कुटेशन तो खरीदार ले रहे हैं, लेकिन कीमतें बढ़ने से बिक्री पर असर है।
बैटरी- चार्जिंग समय- रेंज- वारंटी
लिथियम आयन- 30 मिनट से 3 घंटा- 125 से 600 वाट घंटा प्रति लीटर की रेंज- 3 साल
लेड एसिड- 3 घंटे से 10 घंटे- 50 से 90 वाट घंटा प्रति लीटर की रेंज- 1 साल
सब्सिडी कम होने के बाद थोड़ा अंतर आया है, लेकिन जो परफोरमेंस को प्राथमिकता दे रहे हैं, वह लिथियम आयन बैटरी वाले पसंद कर रहे हैं। ऐसे शहरवासी अभी भी ईवी खरीद रहे हैं। अभी हमारे पास दो माडल हैं।रमाकांत समाधिया, संचालक, रायल टीवीएस
- लेड एसिड बैटरी वाले ईवी की डिमांड में तेजी देखने को मिल रही है। इसकी वजह है कीमत का कम होना। लिथियम आयन बैटरी वाले वाहनों पर सब्सिडी कम होने के बाद बिक्री में और उछाल आया है।
कविता जैन, लक्ष्य आटो सेल्स











