रेड डालने गई ED टीम पर कल पार्टी समर्थकों ने हमला किया था दावा- 1000 लोगों ने घेरा

रेड डालने गई ED टीम पर कल पार्टी समर्थकों ने हमला किया था दावा- 1000 लोगों ने घेरा

पश्चिम बंगाल में कोरोना के दौरान कथित तौर पर हुए हजारों करोड़ रुपए के राशन घोटाले में ED ने शनिवार को एक और TMC नेता शंकर अध्य को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को भी एक अन्य आरोपी TMC नेता शेख शाहजहां को गिरफ्तार किया था।

ED ने 5 जनवरी को राशन घोटाले के सिलसिले में राज्य में 15 ठिकानों पर छापा मारा था। टीम नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव में शेख शाहजहां और शंकर अध्य के घर भी रेड डालने गई थी। इस दौरान उन पर इन नेताओं के समर्थकों ने जानलेवा हमला किया था।

ED ने शुक्रवार रात हमले को लेकर बयान जारी किया। जांच एजेंसी ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर बताया- करीब 800 से 1000 लोगों की भीड़ ने हत्या करने के इरादे से हमला किया था। भीड़ के पास लाठियां, पत्थर, ईंट जैसे हथियार थे। हमले में 3 अधिकारियों को गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप, कैश और वॉलेट (पर्स) भी छीन लिए। इसके अलावा उनके वाहनों को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया।

जानिए पूरा मामला...
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, ED ने शुक्रवार को राशन घोटाला मामले में राज्य के 15 ठिकानों पर रेड की। एक टीम नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव में शेख शाहजहां और शंकर अध्य के घर जा रही थी। इसी दौरान TMC समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया।

ED ने बताया कि भीड़ ने हमला तब किया, जब शाहजहां के घर का ताला तोड़ा जा रहा था। इससे पहले शाहजहां को कई बार फोन कर बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं आए। जिले के SP से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने भी बात नहीं की।

शेख शाहजहां नॉर्थ 24 परगना जिला परिषद के मत्स्य एवं पशु संसाधन अधिकारी और संदेशखाली का TMC ब्लॉक अध्यक्ष भी हैं। वो ममता सरकार में वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी है। ED राशन घोटाले मामले में 27 अक्टूबर 2023 को ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार कर चुकी है।

राज्यपाल बोस ने घटना पर नाराजगी जताई
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने ED पर हुए हमला की घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हमले को खतरनाक बताते हुए कहा- यह घटना चिंताजनक और निंदनीय है। लोकतंत्र में सभ्य सरकार का कर्तव्य बर्बरता को रोकना एक है। अगर कोई सरकार अपने मूल कर्तव्य में विफल रहती है, तो भारत का संविधान अपना काम करेगा। राज्यपाल ने DGP और गृह सचिव को तलब किया।

BJP की मांग- NIA से घटना की जांच कराई जाए
बीजेपी ने घटना को लेकर सीएम ममता बनर्जी से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ED की टीम पर हमले की निंदा करते हुए कहा- राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। यह हमला दिखाता है कि रोहिंग्या राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ क्या कर रहे हैं। हमने गृह मंत्री अमित शाह से घटना की जांच NIA से करवाने की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कहा- किसी राज्य में केंद्रीय एजेंसी पर हमले से ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता। यह सिर्फ टीम पर नहीं, बल्कि पूरे संविधान, देश के संघीय ढांचे पर पर हमला है। पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। हम जांच करेंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है।

कांग्रेस ने कहा- आज हमला हुआ, कल हत्या हो सकती है
ED पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ED अधिकारियों पर सत्तारूढ़ सरकार के गुंडों के हमले के बाद यह स्पष्ट है कि राज्य में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है। आज वे घायल हुए, कल उनकी हत्या की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह मेरे लिए आश्चर्य की बात नहीं होगी।

वहीं हमले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अब तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है राशन घोटाला

ED के मुताबिक, कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कई अनियमितताएं हुईं और राशन वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उस वक्त ज्योतिप्रिय मलिक खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री थे।

ED ने ज्योतिप्रिय मलिक के करीबी और बिजनेसमैन बकीबुर रहमान को 14 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि रहमान ने राशन डिस्ट्रीब्यूटर्स को सप्लाई किए जाने वाले चावल और गेहूं को खुले बाजार में बेच दिया था।

ED ने बकीबुर रहमान की गिरफ्तारी के बाद 26 अक्टूबर को ज्योतिप्रिय मलिक के ठिकानों पर रेड की। 27 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ED के मुताबिक, रहमान ने 2004 में एक चावल मिल मालिक के रूप में अपना करियर शुरू किया था। फिर अगले दो साल में तीन और कंपनियां खड़ी कर लीं। 2020 तक वह 13 कंपनियों का डायरेक्टर बन चुका था। रहमान कई होटल, रिसॉर्ट और बार का भी मालिक है।

ED को रहमान के फ्लैट से सरकारी ऑफिस की सील लगे 100 से ज्यादा दस्तावेज मिले थे। सूत्रों ने बताया कि रहमान की कंपनियों में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया गया था। वह राशन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक रैकेट चलाता था, जिसके तहत उसने अवैध रूप से राशन बेचकर पैसे की हेराफेरी की। इसके बाद उसी पैसे से कोलकाता और बेंगलुरु में प्रमुख जगहों पर होटल और बार खोले।



Advertisement