भोपाल। शहर में प्रतिदिन सांस्कृतिक, सामाजिक, कलात्मक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है। गुरुवार 29 जून को भी शहर में कई ऐसी गतिविधियां हैं, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
माह का प्रादर्श - इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में माह के प्रादर्श श्रृंखला के अंतर्गत जून माह के प्रादर्श के रूप में नदी टोला, गुमला, झारखंड के ओरांव समुदाय से संकलित पारंपरिक ‘जाता - एक पारंपरिक हस्तचालित चक्की’ को प्रदर्शित किया गया है। पाषाण से निर्मित यह चक्की अनाज पीसने में उपयोग होती थी। मानव संग्रहालय में आप इसका अवलोकन सुबह 11 बजे से कर सकते हैं।
चित्र प्रदर्शनी - रेखाओं को जोड़कर चटख रंगों से बनाए गए पशु-पक्षी एवं जानवरों के चित्र सभी को आकर्षित करते हैं। ऐसे ही चित्रों को निहारने का अवसर कला प्रेमियों को जनजातीय संग्रहालय में मिल रहा है। गोंड समुदाय की चित्रकार रजनी धुर्वे के चित्रों की प्रदर्शनी लिखंदरा दीर्घा में सजाई गई है। इस प्रदर्शनी को दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।
चित्रांकन शिविर - मप्र जनजातीय संग्रहालय में बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन चित्रांकन शिविर उल्लास का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भील चित्रकार भूरी बाई और गोंड चित्रकार नर्मदा प्रसाद तेकाम बच्चों को पेंटिंग के लिए रेखा, रंग आदि के बारे में सिखा रहे हैं। समय दोपहर दो बजे से है।
संगीत समारोह - विदुषी वीणा स्मृति संगीत समारोह का आयोजन पालीटेक्निक कालेज पटेल सभागार में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन आज शाम 6:30 से मुम्बई के गायक पंडित गिरीश सांझगिरी का गायन होगा। तत्पश्चात भोपाल की सुलेखा भट अपने गायन से अपनी गुरु को अपनी स्वरांजलि देंगीं।
नाटक मंचन - मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के वर्तमान सत्र 2022-23 के विद्यार्थियों के साथ आमंत्रित अतिथि व्याख्याता विद्यानिधी वनारसे, पुणे के निर्देशन में यथार्थवादी शैली पर नाट्य प्रस्तुति तैयार किए जाने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया था। उपर्युक्त कार्यशाला में तैयार नाट्य प्रस्तुति 'सुहाने अफसाने' का मंचन शाम सात बजे से रवींद्र भवन परिसर स्थित अंजनी सभागार में किया जाएगा। दर्शकों के लिए प्रवेश निश्शुल्क है।











