मुजाहिद ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पाकिस्तान में कुछ खास तबके अफगानिस्तान की स्थिरता नहीं देख पा रहे है। ऐसे में पाक सेना के ये तत्व साजिशों का सहारा ले रहे हैं। मुजाहिद ने इस दौरान पाकिस्तानी सरकार और सेना से कहा कि वह अफगानिस्तान के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करें। अगर इस्लामाबाद की ओर से काबुल में हस्तक्षेप जारी रहेगा को इससे द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान होगा।
ISIS को पाकिस्तान की मदद
मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के सुरक्षित ठिकाने हैं और इसकी जानकारी क्षेत्रीय देशों को है। मुजाहिद ने साफ कहा कि ISIS अफगानिस्तान में शियाओं, सूफियों और हिंदुओं पर हमलों के लिए जिम्मेदार है। यह सीधे-सीधे तालिबान सत्ता को कमजोर करने और अफगानिस्तान को अस्थिरता में धकेलने की कोशिश है।मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को अपनी जमीन पर पनाह पाए ISIS नेताओं को अफगान तालिबान को सौंप देना चाहिए। पाकिस्तान की ओर से तालिबान पर अपनी जमीन पर इस्लामाबाद विरोधी गुटों को पनाह देने का आरोप लगाया है। अब काबुल की ओर से भी साफतौर पर ऐसे ही आरोप इस्लामाबाद के ऊपर लगाए गए हैं।











