जानकारों का कहना है कि अप्रैल में कई जरूरी दवाओं की कीमत में 12 फीसदी से ज्यादा इजाफा किया गया था। इसके बावजूद ग्रोथ में सुस्ती चौंकाने वाली है। इंडस्ट्री के एक एक्सपर्ट ने कहा कि जून में इंडस्ट्री के वॉल्यूम में छह परसेंट गिरावट रही जो हाल के महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है। एक्यूट और क्रॉनिक दोनों तरह की बीमारियों में काम आने वाली दवाओं की ग्रोथ पर असर पड़ा है। दिल की बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं में वैल्यू के आधार पर आठ फीसदी और वॉल्यूम के आधार पर एक फीसदी ग्रोथ रही। लेकिन एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं की बिक्री में वैल्यू के आधार पर दो फीसदी और वॉल्यूम के आधार पर 14 फीसदी गिरावट रही। इसी तरह सांस की बीमारियों से जुड़ी दवाओं की बिक्री में वैल्यू के आधार पर छह फीसदी और वॉल्यूम के आधार पर 13 फीसदी गिरावट आई।
मॉनसून में देरी से कम हो गई बीमारियां! घट गई दवाओं की बिक्री
नई दिल्ली: मॉनसून की बारिश ने पिछले कुछ दिनों से उत्तरी राज्यों में कहर ढा रखा है। लेकिन इस बार मॉनसून के देर से आने से लोग कम बीमार पड़े और दवाओं की बिक्री पर असर पड़ा। जून में घरेलू फार्मा रिटेल मार्केट केवल 4.5 परसेंट बढ़ा जबकि मई में इसमें 10 परसेंट तेजी आई थी। IQVIA के डेटा के मुताबिक जून में सांस की बीमारियों और इन्फेक्शन से जुड़ी दवाओं की बिकी में गिरावट आई। अमूमन जून में देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय हो जाता है। इससे वायरल इन्फेक्शन, बुखार और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे फार्मा इंडस्ट्री की सेल बढ़ जाती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। मॉनसून देर से सक्रिय हुआ। देश में ऑर्गेनाइज्ड फार्मा रिटेल मार्केट करीब दो लाख करोड़ रुपये का है। जून तक 12 महीने की अवधि में इसमें करीब 11 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली।
सबसे ज्यादा बिकने वाली दवा
जून में सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाओं की लिस्ट में डायबिटीज की मिक्सटार्ड (Mixtard) ने अपनी टॉप पोजीशन बरकरार रखी। मई की तुलना में जून में इसकी बिक्री में तीन फीसदी तेजी आई। टॉप 10 दवाओं में ओरल इलेक्ट्रोलाइट इलेक्ट्राल की बिक्री में सबसे ज्यादा 39 फीसदी तेजी आई। Augmentin, Pan और Udiliv दो-दो स्थान ऊपर चढ़ गए। जहां तक कंपनियों का सवाल है तो सन फार्मा (Sun Pharma) टॉप पर बनी हुई है। एबट दूसरे और सिप्ला तीसरे नंबर पर है। इंटास फार्मा ने सबसे ज्यादा ग्रोथ हासिल की जबकि Macleods को दूसरा नंबर मिला। एमएटी बेसिस पर मैनकाइंड, अल्केम, इंटास और Macleods सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियां रहीं।











