पटना में राजद प्रमुख लालू यादव अचानक सीएम हाउस पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी थे। दोनों नेता सीएम नीतीश कुमार से मिले। करीब 45 मिनट तक तीनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता मुस्कराते हुए निकले। तेजस्वी ने कहा कि सरकार में ऑल इज वेल।
राजद सुप्रीमो का सीधे सीएम हाउस जाना बिहार की सियासत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुलाकात को लेकर तेजस्वी ने कहा कि काम को लेकर मुलाकात होती रहती है। बिहार में बीजेपी का हारना तय है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
इधर, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा के आवास पर बीजेपी विधायकों की अहम बैठक भी आज होने वाली है। नए साल में पहली बार लालू यादव सीएम हाउस पहुंचे हैं। इससे पहले मकर संक्रांति के दिन मुख्यमंत्री लालू यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होने राबड़ी आवास पहुंचे थे।
गठबंधन पूरी तरह से मजबूत-तेजस्वी
गठबंधन में दरार की बात को सीधे नकारते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार में हैं तो काम को लेकर मुलाकात होती रहती है। हमारी सरकार लगातार जनता के लिए काम कर रही है। जब से महागठबंधन बना है तब से बीजेपी बेचैन है। गठबंधन पूरी तरह से एकजूट है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को हारना तय है। सियासी उलटफेर को लेकर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। ऐसी कोई बात नहीं है। हमारी सरकार मजबूती से चल रही है। बीजेपी बार-बार अफवाह फैला रही है।
सीट शेयरिंग पर हो सकती बात
खरमास खत्म हो चुका है और इसकी उम्मीद तेज हो गई है कि इंडि गठबंधन में सीटों का बंटवारा जल्द ही फाइनल हो जाएगा। तीनों नेता आपस में बैठकर इस पर बातचीत कर रहे हैं।
जेडीयू पहले ही बता चुकी है कि वह 16 सीट से कम पर नहीं मानेगी। वहीं लेफ्ट पार्टियां भी अपनी बात रख चुकी हैं। राजद ने अभी तक नहीं कहा है कि वह कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई ऐसी सीट है जिसपर पेंच फंसा हुआ है। माना जा रहा है कि जदयू को कई सीट छोड़नी पड़ सकती है, उसके बदले में जदयू को कौन-कौन सी सीट मिलेगी इस पर बातचीत बाकी है।
इससे अलग बीते कुछ दिनों से जेडीयू और राजद के बीच क्रेडिट वार भी खूब चल रहा है। खास तौर से बिहार में बिहार लोक सेवा आयोग के जरिए हुई शिक्षकों की बहाली का क्रेडिट जदयू और आरजेडी दोनों पार्टियां लेने की कोशिश में हैं।
बीजेपी की आपात बैठक
एक तरफ जहां इंडी गठबंधन के बीच तनाव की स्थिति बनती जा रही है। वहीं बीजेपी बिहार की बदल रही सियासत को देखते हुए लगातार बैठकों का दौर शुरू कर दिया है और पैनी नजर बनाए हुए है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा के आवास पर शुक्रवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
इसमें मुख्य तौर पर दो एजेंडे पर बातचीत होगी। युवा मतदाताओं (न्यू वोटर्स ) का बीजेपी सम्मलेन करेगी। हर विधानसभा में इसका आयोजन होगा। वहीं, बीजेपी जल्द गांव चलो अभियान की शुरुआत करेगी। इसके तहत एक साथ 45 हज़ार गांव में 45 हज़ार पार्टी के संयोजक पहुंचेंगे। इसके लिए पार्टी की तरफ से पंचायतवार संयोजक बनाये गए हैं।
इस बैठक में मुख्य रूप से 5 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर विधानसभा में पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी वही बदल रही सियासत पर भी रणनीति बनाई जा सकती है।5 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में सरकार को कई बिंदुओं पर घेरने की तैयारी में है।
दही चूड़ा खाने राबड़ी आवास गए थे सीएम, लालू ने नहीं लगाया तिलक
इससे पहले 15 जनवरी को पटना में राबड़ी आवास पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था। भोज में सीएम नीतीश कुमार, जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और विजय चौधरी शामिल हुए। सीएम अपने आवास से पैदल ही राबड़ी आवास गए थे। राबड़ी आवास पर नीतीश कुमार 10 मिनट तक रुके थे।
हालांकि, हर बात की तरह इस बार लालू ने नीतीश को दही का तिलक नहीं लगाया। रिसीव करने गेट से डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव आए। फिर भोज के बाद छोड़ने गए। इस भोज में शामिल राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने कहा था कि लालू यादव के आशीर्वाद से ही नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। समय आएगा तो तेजस्वी भी सीएम हो जाएंगे।











