भारत और चीन के बीच व्यापार में आई गिरावट, वर्षों बाद हुआ यह कारनामा, आखिर क्या है वजह?
Updated on
15 Jul 2023, 02:19 PM
नई दिल्ली : सीमा पर तनाव के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में भारत-चीन के बीच व्यापार (India-China trade) काफी बढ़ा है। लेकिन अब वर्षों बाद इंडिया-चाइना ट्रेड में गिरावट के संकेत देखे जा सकते हैं। इस साल की पहली छमाही में भारत और चीन के बीच व्यापार में 0.9 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, ऐसा तब हुआ है, जब चीन के कुल विदेशी व्यापार में करीब 5 फीसदी की गिरावट आई है। कोरोना महामारी के प्रकोप से रिकवर होने में चीनी इकॉनमी (China economy) को स्ट्रगल करना पड़ा है। यही कारण था कि उसका विदेशी व्यापार गिरा है।
0.9 फीसदी कम रहा भारत को चीन का निर्यात
इस साल की पहली छमाही में भारत को चीन का निर्यात 56.53 अरब डॉलर का रहा। यह एक साल पहले के 57.51 अरब डॉलर से 0.9 फीसदी कम है। गुरुवार को चीनी कस्टम्स द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकार मिली है।
चीन को भारत का निर्यात भी घटा
वहीं, चीन को भारत का निर्यात इस अवधि में कुल 9.49 अरब डॉलर रहा। यह एक साल पहले 9.57 अरब डॉलर रहा था। इस तरह साल 2023 की पहली छमाही में व्यापार घाटा एक साल पहले के 67.08 अरब डॉलर से घटकर 47.04 अरब डॉलर रह गया।
पिछला साल रहा था बंपर ईयर
पिछला साल भारत-चीन व्यापार के लिए बंपर ईयर रहा था। यह पिछले साल 135.98 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। साल 2022 में कुल भारत-चीन व्यापार 8.4 फीसदी की बढ़त के साथ एक साल पहले के 125 अरब के आंकड़े को पार कर गया था।
पहली बार 100 अरब डॉलर गया था व्यापार घाटा
द्विपक्षीय संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था। साल 2022 में भारत के लिए व्यापार घाटा 101.02 अरब डॉलर रहा। यह 2021 में 69.38 अरब डॉलर था।
वर्षों बाद आई गिरावट
वहीं, इस साल की पहली छमाही में भारत-चीन व्यापार में वर्षों बाद गिरावट देखने को मिली है। क्योंकि इस दौरान आयात और निर्यात सहित चीन का कुल व्यापार एक साल पहले की तुलना में 5 फीसदी गिर गया था। निर्यात 3.2 फीसदी गिरा और आयात में 6.7 फीसदी की गिरावट आई।