इनकम टैक्स विभाग ने झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के 10 ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी 6 दिसंबर को शुरू हुई थी जो 15 दिसंबर को खत्म हुई। 10 दिनों तक झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में की गई छापेमारी में 350 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश बरामद हुआ है।
इस छापेमारी के 10 दिन बाद धीरज साहू शुक्रवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि ये सारा पैसा उनका नहीं है, बल्कि उनके परिवार और फर्म का है। वे हर चीज का हिसाब देंगे।
धीरज ने यह भी कहा कि इस पैसे का कांग्रेस या किसी और पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल बरामद नोटों को बोलांगीर और संबलपुर स्थित स्टेट बैंक में जमा करा दिया गया है।
धीरज के बयान की बड़ी बातें...
- सारा पैसा मेरा नहीं है। ये पैसा मेरे परिवार की फर्मों का है। इसमें छिपाने वाली कोई बात नहीं है। मैं विश्वास के साथ कह रहा हूं कि अगर इनकम टैक्स ने छापा मारा है तो मैं हर चीज का हिसाब दूंगा।
- कुछ दिन इंतजार कीजिए, मैं खुद सामने आकर और बताऊंगा। सारी चीज जनता के सामने रखूंगा।
- ये काला धन है कि नहीं है, हम लोगों के पास हर बिजनेस है, वो मेरे परिवार के नाम से है। इनकम टैक्स का जवाब आने दीजिए, ये वही लोग बताएंगे।
- मैं बिजनेसमैन नहीं हूं, मेरे परिवार वाले जवाब देंगे। मैं इन सबसे बहुत दूर हूं। जो भी जानकारी मुझे देनी थी, मैं दे चुका हूं।
- ये इनकम टैक्स का छापा है, लोग इसे कैसे देख रहे हैं, मैं किसी पार्टी के ऊपर आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन ये कांग्रेस पार्टी या किसी और पार्टी का पैसा नहीं है, ये मैं दावे के साथ कह सकता हूं।
- मैं 35 साल से एक्टिव पॉलिटिक्स में हूं। लेकिन मेरे साथ हुई यह पहली घटना है जिससे मेरे दिल को चोट पहुंची है।
- जो पैसा पकड़ाया है वो हमारी फर्म का पैसा है। हमें शराब के बिजनेस में 100 साल से ऊपर हो गया है। इन सालों में हमने काफी रेवेन्यू दिया है। मैं चाहता हूं कि इसका अपनी तरफ से खुलासा कर दूं, लोगों को जानकारी मिले।
- राजनीति छोड़कर मैं बिजनेस में भी ध्यान नहीं देता था। बिजनेस मेरे परिवार वाले ही करते थे। कभी कभार ही मैं इसके बारे में पूछता था।
- हमारा संयुक्त परिवार है। हम 6 भाई और उनके बच्चे हैं। सब बिजनेस से जुड़े हैं। 100 साल से पुराना व्यवसाय है। जो पैसा मिला है, वह हमारी फर्मों का है।
- शराब में सारा सेल कैश से होता है। यह सेल कलेक्शन का पैसा था। ये कांग्रेस या दूसरी पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है। ये पूरी तरह हमारी कंपनी का पैसा था।
- अभी इनकम टैक्स की तरफ से ऐसा नहीं कहा गया है कि यह पैसा गैरकानूनी है। इस संबंध में जब भी मुझे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, पूरा हिसाब दूंगा।
नौ ठिकानों से मिले 354 करोड़ रुपए, अब जमीन के अंदर कीमती चीजें होने का शक
इनकम टैक्स विभाग ने धीरज साहू के 10 ठिकानों पर छापेमारी में 354 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। ओडिशा में बौद्ध डिस्टिलरी में छापे की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। वहीं रांची वाले घर पर आयकर के अधिकारियों को कैंपस में जमीन के भीतर ज्वैलरी और दूसरी कीमती चीजें होने को शक है। बताया जा रहा है कि अगर किसी मेटल के बक्से में चीजें होंगी तो पता चल जाएगा। जानकारों की मानें तो जियो सर्विलांस सिस्टम के जरिए कैंपस की जांच की जा रही है।अब ED जांच की चल रही तैयारी
धीरज साहू के ओडिशा के ठिकाने से कैश, जेवर के अलावा जमीन, होटल, हॉस्पिटल और व्यापार में निवेश के कागजात मिले हैं। इनका असेसमेंट किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करोड़ों के इस निवेश की जांच अब ED कर सकती है। जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर में ED के एक बड़े अधिकारी ने आयकर टीम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद दिल्ली लौट गए।देशी शराब की 300 दुकानें
पश्चिम ओडिशा में देशी शराब की लगभग 300 दुकानें साहू परिवार के नाम पर हैं। 24 साल से शराब के ठेके उनके पास हैं। इन दुकानों का कई वर्षों से टेंडर तक नहीं हुआ है। चावल और महुआ से कच्ची शराब बौद्ध, बोलांगीर, टिटलागढ़ जिले के गावों में मौजूद भट्ठियों में बनता है।











