कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी किसी भी मामले पर ज्यादा प्रतिक्रिया देते हैं। डॉन के मुताबिक उन्होंने कहा, 'मेरे अनुभव से पाकिस्तानी ऐसे लोग हैं जो शायद दूसरे पक्ष पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देते हैं। अगर हम मित्रतापूर्ण हैं, तो वे ज्यादा मित्रतापूर्ण रहेंगे। अगर हम शत्रुतापूर्ण हो जाते हैं तो वे और भी ज्यादा शत्रुतापूर्ण प्रतिक्रिया देते हैं।' अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए अय्यर ने पाकिस्तान में गर्मजोशी से होने वाले स्वागत को याद किया।
पाकिस्तानियों की तारीफ
पाकिस्तानियों की तारीफ
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अलावा वह किसी ऐसे देश में नहीं गए जहां उनका इतनी खुली बाहों से स्वागत हुआ हो। उन्होंने कहा कि जब वह कराची में महावाणिज्य दूत के रूप में थे तो हर कोई उनकी और उनकी पत्नी के देखभाल कर रहा था। इससे जुड़ी कई घटनाओं के बारे में उन्होंने अपनी किताब में जिक्र किया है। अय्यर ने कहा कि सद्भावना की जरूरत थी, लेकिन पहली नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के बाद से पिछले 10 वर्षों में सद्भावना की जगह कुछ उल्टा हुआ।











