बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया घटनाक्रम में सबसे ज्यादा नुकसान हिजबुल्लाह ने उठाया है। ऐसे में सवाल है कि एक के बाद एक झटके झेल रहा ये गुट अब क्या करेगा। हिजबुल्लाह के ज्यादातर कमांडरों की हत्या कर दी गई है और उसके कम्युनिकेशन सिस्टम पेजर और वॉकी-टॉकी को भी तहस-नहस कर दिया गया है। ऐसे में हिजबुल्लाह के सामने फिर से उठ खड़े होने और इजरायल को जवाब देने की चुनौती है।
'हिजबुल्लाह हार नहीं मानेगा'
एक्सपर्ट का मानना है कि हिजबुल्लाह लड़ाई जारी रखेगा ना कि इजराइल की शर्तों पर किसी समझौता को मान लेगा। हिजबुल्लाह के पास हजारों लड़ाके हैं और हथियारों का बड़ा जखीरा है। उसके पास ऐसी मिसाइल और रॉकेट हैं, जो इजरायल के तेल अवीव और दूसरे शहरों तक पहुंच सकते हैं। हिजबुल्लाह दबाव बढ़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकता है।
हसन नसरल्ला की हत्या ईरान के लिए उतना ही बड़ा झटका है, जितना हिजबुल्लाह के लिए है। ईरान ने इस हत्या पर कड़ी प्रतिक्रिया भी दी है। इससे पहले जुलाई में तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या भी ईरान के लिए शर्म की वजह बनी थी। ईरान पर इजरायल के बढ़ते हमले ईरान सरकार को प्रतिक्रिया के लिए मजबूर कर सकते हैं।
ईरान आगे क्या करेगा?
ईरान के पास पश्चिम एशिया में कई गुट हैं। इनमें हिजबुल्लाह के अलावा यमन में हूती हैं। सीरिया और इराक में भी ईरान के पास मिलिशिया हैं। ईरान इन समूहों से अपने क्षेत्रों में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमले तेज करने के लिए कह सकता है।











