चीन का शी यान 6 कितना शक्तिशाली
चीन का सरकारी मीडिया शी यान 6 जहाज को वैज्ञानिक अनुसंधान पोत कहता है, लेकिन यह एक जासूसी जहाज है। 60 लोगों के क्रू वाला यह पोत समुद्र विज्ञान, समुद्री भूविज्ञान और समुद्री पारिस्थितिकी प्रयोगों को अंजाम दे सकता है। चीन का यह सर्वेक्षण पोत समुद्र तल का मानचित्र तैयार करने, समुद्र के नीचे के पर्यावरण की रूपरेखा को समझने के लिए हाइड्रोलॉजिकल डेटा रिकॉर्ड करने, समुद्र के भीतर केबल से खुफिया जानकारी एकत्र करने, मिसाइल फायरिंग के टेलीमेट्री डेटा रिकॉर्ड करने जैसी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। चीन हिंद महासाहर में अपने प्रयासों को वैज्ञानिक प्रयोग बताता है, हालांकि भारत और अमेरिका ने इस दावे को कभी स्वीकार नहीं किया है।
चीन की कोशिश हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। चीन पाकिस्तान के ग्वादर और श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है। चीनी जासूसी जहाज इन दोनों बंदरगाहों के जरिए भारत की रेकी कर रहे हैं। वहीं, चीन का तीसरा बंदरगाह बांग्लादेश में स्थित चटगांव है। चटगांव बंदरगाह का विकास चीनी कंपनी ने किया है। अब वही इस बंदरगाह को ऑपरेट भी कर रही है। विशेषज्ञ इन तीनों बंदरगाह को भारत को घेरने वाला 'मौत का त्रिकोण' भी कहते हैं। पिछले साल चीनी जासूसी जहाज युआन वांग 5 श्रीलंका के सबसे दक्षिणी बंदरगाह हंबनटोटा पहुंचा था। इस जासूसी जहाज का उपयोग सैटेलाइट ट्रैकिंग, रॉकेट और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की निगरानी के लिए किया जाता है।
हिंद महासागर में भारत को घेर रहा चीन
चीन की कोशिश हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। चीन पाकिस्तान के ग्वादर और श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है। चीनी जासूसी जहाज इन दोनों बंदरगाहों के जरिए भारत की रेकी कर रहे हैं। वहीं, चीन का तीसरा बंदरगाह बांग्लादेश में स्थित चटगांव है। चटगांव बंदरगाह का विकास चीनी कंपनी ने किया है। अब वही इस बंदरगाह को ऑपरेट भी कर रही है। विशेषज्ञ इन तीनों बंदरगाह को भारत को घेरने वाला 'मौत का त्रिकोण' भी कहते हैं। पिछले साल चीनी जासूसी जहाज युआन वांग 5 श्रीलंका के सबसे दक्षिणी बंदरगाह हंबनटोटा पहुंचा था। इस जासूसी जहाज का उपयोग सैटेलाइट ट्रैकिंग, रॉकेट और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की निगरानी के लिए किया जाता है।











