PMLA की आपराधिक धाराओं के तहत चीनी कंपनी वीवो और 4 लोगों को बनाया आरोपी

PMLA की आपराधिक धाराओं के तहत चीनी कंपनी वीवो और 4 लोगों को बनाया आरोपी

एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में चीनी कंपनी वीवो मोबाइल और मामले में गिरफ्तार चार अन्य आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट फाइल की है। मामले के आरोपियों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत स्पेशल कोर्ट में यह चार्जशीट फाइल की गई है। न्यूज एजेंसी PTI ने मामले की जानकारी दी है।

इसी साल अक्टूबर में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में चीनी नागरिक गुआंगवेन क्यांग उर्फ ​​एंड्रयू कुआंग, लावा इंटरनेशनल के MD हरिओम राय के अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट राजन मलिक और नितिन गर्ग को गिरफ्तार किया था। करीब एक साल पहले एजेंसी ने देशभर में वीवो मोबाइल्स और उसकी 23 एसोसिएट कंपनीज की 48 लोकेशंस पर तलाशी ली थी।

टैक्स बचाने के लिए वीवो ने आधी इनकम चीन भेजी
ED के अरोपों के मुताबिक, चीन को अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने के मकसद से भारत में 19 कंपनियां बनाई गईं। इसके अलावा आर्थिक मामलों की जांच एजेंसी ने पाया कि वीवो मोबाइल्स इंडिया ने टैक्स बचाने के लिए सेल्स से हुई अपनी इनकम का आधा हिस्सा (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) चीन में ट्रांसफर किया। इसमें अवैध रूप से 62,476 करोड़ रुपए चीन भेजे गए थे।

3 फरवरी 2022 को शुरू हुई थी ED की जांच
दिल्ली पुलिस की FIR पर ED ने 3 फरवरी 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। दिल्ली पुलिस ने धारा 417, 120बी और 420 के तहत कालकाजी पुलिस स्टेशन में वीवो की एसोसिएट कंपनी ग्रैंड प्रॉस्पेक्ट इंटरनेशनल कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (GPICPL), उसके डायरेक्टर, शेयरहोल्डर्स और सर्टिफाइंग प्रोफेशनल्स के खिलाफ केस दर्ज किया था।

1 अगस्त 2014 को वीवो मोबाइल्स स्थापित हुई थी
ईडी के अनुसार, वीवो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 1 अगस्त 2014 को हॉन्गकॉन्ग स्थित कंपनी मल्टी एकॉर्ड लिमिटेड की सहायक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था और ROC दिल्ली में रजिस्टर किया गया था।

इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने मंगलवार को चीनी कंपनी वीवो मोबाइल के तीन और लावा के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुई है। 


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