फूलने लगा चीन की इकॉनमी का दम! बैंकिंग सेक्टर तक पहुंची रियल एस्टेट संकट की आंच
नई दिल्ली: दुनिया की दूसरी बड़ी इकॉनमी चीन को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी, वह सच होने जा रही है। चीन के रियल एस्टेट संकट का असर अब बैंकिंग सेक्टर पर भी दिखने लगा है। देश की एक बड़ी वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उसने निवेशकों से साफ-साफ कहा है कि वह बिल चुकाने की स्थिति में नहीं है। चीन में रियल एस्टेट पिछले कई साल से संकट में है। देश की जीडीपी में इसकी 25% हिस्सेदारी है। इसलिए माना जा रहा था कि यह संकट पूरी इकॉनमी खासकर बैंकिंग सेक्टर को डुबो सकता है। अब इसने धीरे-धीरे दूसरे सेक्टर्स को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। इसका पहला शिकार तीन ट्रिलियन डॉलर का शैडो बैंकिंग सेक्टर हुआ है।
पेमेंट में डिफॉल्ट
इसकी फाइनेंशियल पोजीशन के बारे में सबसे पहले अगस्त में संकेत मिला था जब इससे जुड़े एक ट्रेस्ट ने कॉरपोरेट इन्वेस्टर्स के पेमेंट में डिफॉल्ट किया था। Zhongrong International Trust कुल 87 अरब डॉलर के फंड को मैनेज करता है। यह देश की उन हजारों वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है जो निवेशकों को हाई रिटर्न देती हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि देश में ट्रस्ट इंडस्ट्री यानी शैडो बैंकिंग सेक्टर 2.9 ट्रिलियन डॉलर की है। इनमें देश की मिडिल और अपर-मि़डिल क्लास लोगों का निवेश है। इसलिए डिफॉल्ट की स्थिति में ग्राहकों का भरोसा डगमगा सकता है।











