साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) की रिपोर्ट कहती है कि यह तस्वीर पिछले महीने गुई हाइचाओ ने क्लिक की है। गुई एक शोधकर्ता और नागरिक अंतरिक्ष यात्री हैं। तस्वीर में पूरा अंतरिक्ष स्टेशन दिखाया गया है। इसमें तियान्हे नाम का कोर मॉड्यूल केंद्र में है। मेंगटियन और वेंटियन, दो प्रयोगशाला मॉड्यूल दोनों तरफ डॉक किए गए हैं। इस प्रयोगशाला मॉड्यूल में से प्रत्येक में सौर पैनलों की एक जोड़ी है जिसकी लंबाई 55 मीटर है। इन तीनों मॉड्यूल को अलग-अलग लॉन्च में अंतरिक्ष में भेजा गया था। ये स्पेस स्टेशन पृथ्वी से करीब से 350 से 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर है, जिसकी लंबाई 55 मीटर और वजन वजन 96000 किग्रा है।
1992 में शुरू हुई था इस स्टेशन पर काम
तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण का प्रोजेक्ट 1992 में आरंभ हो गया था लेकिन इसका वास्तविक कंस्ट्रक्शन 2021 में शुरू हुआ। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन का पुराने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से मुकाबला माना जाता है। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक चीन की पहुंच को काफी हद तक प्रतिबंधित किया और उसे भागीदार नहीं बनाया लेकिन चीन ने खुद की अंतरिक्ष स्टेशन की परियोजना को पूरा कर लिया है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन को कितना इंटरनेशनल एक्सेस दिया जाएगा।चीन लगातार स्पेस में अपनी ताकत को बढ़ा रहा है। स्पेस में लंबे समय से दबदबा बनाकर रखने वाले रूस और अमेरिका को चीन से सीधी टक्कर मिल रही है। चीन इस समय अपने अंतरिक्ष स्टेशन का विस्तार कर रहा है। चीन का प्लान तीन मॉड्यूल वाले अंतरिक्ष स्टेशन में तीन और मॉड्यूल जोड़े जोड़ने का है। चंद्रमा और ग्रहों की खोज में भी चीन लगातार काम कर रहा है। मंगल ग्रह से जुड़े मिशन पर भी चीन का काम जारी है।











