भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में भगवान झूलेलाल का अवतरण दिवस यानि चैतीचांद परंपरागत उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अवतरण दिवस की पूर्व बेला में बच्चों ने चैतीचांद और नव-संवत्सर की खुशियां मनाई। सिंधी समाज इस बार चैतीचांद को हिंदू नव वर्ष उत्सव के रूप में मना रहा है। कोरियोग्राफर नैंसी भावनानी के अनुसार त्यौहार को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह है। नैंसी के साथ बच्चों ने इष्ट देवता को समर्पित गीतों पर झूम मचाई। 'जेंखे झूलण कयो मालमाल उहो हथ मत्थे करे' गीत की स्वरलहरियों पर बच्चे झूम उठे। कई अन्य गीतों पर भी बच्चों ने नृत्य किया।
नगर भ्रमण पर निकलेंगे झूलेलाल
चैतीचांद 10 अप्रैल को मनाया जाएगा। वरुण अवतार भगवान झूलेलाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे। अयोध्या में राम मंदिर बनने और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशियां मनाई जाएंगी। शोभायात्रा में बाल स्वरूप रामलला विग्रह के दर्शन भी होंगे। इलेक्ट्रानिक झांकी में राम मंदिर की प्रतिकृति सजाई जाएगी। चैतीचांद का मुख्य समारोह इस बार भी सिंधु समाज द्वारा मनाया जाएगा। बुधवार को शाम पांच बजे लक्ष्मीदेवी विक्योमल सभागृह में बहिराणा पूजन के बाद शोभायात्रा प्रारंभ होगी। शोभायात्रा का रूट तय कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने भी रूट का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। समाज के महासचिव भरत आसवानी एवं हरीश मेहरचंदानी के अनुसार इस बार 10 अप्रैल को चैतीचांद के साथ ही सिंधी भाषा दिवस भी है। इसे देखते हुए समाज उत्साहित है। पूजा-अर्चना के साथ ही मातृभाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प भी लिया जाएगा। झूलेलाल कल्याण मंडल के सेवादार भी राजकुमार वाधवानी की अगुआई में शोभायात्रा में छेज नृत्य करते हुए शामिल होंगे। नेहरू पार्क स्थित मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। राजधानी में सिंधी सेंट्रल पंचायत शोभायात्रा निकालेगी। इसमें समृद्ध भारत की झलक नजर आएगी।











