एडीसीपी क्राइम ने बताया कि ठगों ने इंदिरापुरम में रहने वाले मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्री के सीनियर अफसर राजेंद्र यादव की पत्नी से 20 लाख रुपये की ठगी की थी। अफसर अभी ओमान में तैनात हैं। इस केस की जांच करते हुए पुलिस की टीम बदमाशों तक पहुंची और आशीष जायसवाल, उमेश शुक्ला और सत्यम कुमार गौड़ को शनिवार रात इंदिरापुरम से गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। इनके पास से एक लग्जरी कार, 7 मोबाइल फोन, 47 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 1 लाख रुपये कैश समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। गैंग के दो सदस्यों के बारे में जानकारी मिली है। जिसमें एक अकरम मुल्ला और एक आशीष है। दोनों की तलाश की जा रही है।
ऐसे फंसाते हैं जाल में
पूछताछ में सामने आया है कि गैंग उन लोगों को टारगेट करता है जो घरेलू स्तर पर बिजनेस कर रहे हैं। उन लोगों को विभिन्न संस्थानों के नाम से मेल किए जाते हैं। इंदिरापुरम वाले मामले में आरोपियों ने टारगेट को बताया कि वह हर्बल प्रॉडक्ट के बिजनेस को यूरोप तक पहुंचा देंगे। जिसमें शुरुआत इंग्लैंड से करने का झांसा दिया गया। इस दौरान उनसे 20 लाख रुपये लिए गए। लखनऊ वाले मामले में ठगों ने महिला गृह उद्योग जैसी संस्था बनाई और उनके नाम से राजकीय निर्माण विभाग के परामर्शदाता से बात कर और घरेलू उद्योग को पहचान दिलवाने के नाम पर करीब साढ़े 9 लाख रुपये लिए। इस प्रकार उन्होंने इंदौर में भी ठगी की थी। पुलिस बदमाशों के अन्य रिकॉर्ड को भी तलाश रही है।अकाउंट खाली, कंपनी के मालिक
नेपाल में चला रहा है होटल
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया है कि गैंग को लीड करने वाला आशीष जायसवाल ठगी के रुपये से नेपाल में बिजनेस कर रहा है। पुलिस को उसका एक होटल नेपाल में चलने की जानकारी मिली है। जिसके बाद इस फैट को चेक किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी ठगी के रुपये एक फर्जी कंपनी से दूसरी फर्जी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर करते हैं। आशीष ठगी की कमाई से ही होटल चला रहा है। पुलिस होटल और उसके अन्य बिजनेस के बारे में भी पता कर रही है।











