'द साबरमी रिपोर्ट' में सेंसर बोर्ड ने 11 जगह चलाई कैंची, विक्रांत मैसी की फिल्‍म से हटाए हिंसा के 40% सीन्‍स

'द साबरमी रिपोर्ट' में सेंसर बोर्ड ने 11 जगह चलाई कैंची, विक्रांत मैसी की फिल्‍म से हटाए हिंसा के 40% सीन्‍स
गोधरा कांड पर बनी विक्रांत मैसी स्‍टारर 'द साबरमती रिपोर्ट' शुक्रवार, 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। धीरज सरना के डायरेक्‍शन में बनी यह फिल्‍म लगातार चर्चा में है। 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्‍सप्रेस में आग लगने की घटना को यह फिल्‍म एक पत्रकार की नजरों से दिखाती है। यह फिल्‍म ने अपने विषय और विक्रांत मैसी के लगातार बयानों के कारण खूब सुर्ख‍ियां बटोरी हैं। ताजा जानकारी ये है कि केंद्रीय फिल्‍म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने भी इस पर खूब कैंची चलाई है। बताया जाता है कि कि 'द साबरमती रिपोर्ट' में 11 जगहों पर काट-छांट की गई है।

'द साबरमती रिपोर्ट' को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने U/A सर्टिफिकेट देकर पास किया है। इसके साथ ही मेकर्स को रिलीज से पहले फिल्‍म में 11 जगहों पर संशोधन करने को कहा गया था।

हिंसा के सीन्‍स 40% तक घटाए गए, गालियों पर लगा कट


'ई टाइम्‍स' की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने जिन सीन्‍स में बदलाव करवाए हैं, उनमें हिंसक दृश्यों को लगभग 40 प्रतिशत तक कम किया गया है। यही नहीं, फिल्‍म में अभद्र भाषा और गाली गलौज को भी हटाया गया।

बदला गया ड्राइवर का डायलॉग


फिल्‍म में एक डायलॉग है, जहां ड्राइवर कहता है, 'सब मिलता है, ब्रांड बताइए', इसे बदला गया है। इसके साथ ही फिल्‍म की शुरुआत में अक्षय कुमार को दिखाने वाले पुराने स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापन को भी अपडेट किया गया है।

दो बार पोस्‍टपोन होने के बाद हुई है रिलीज


'द साबरमती रिपोर्ट' में विक्रांत मैसी के साथ ही राशि खन्ना और रिद्ध‍ि डोगरा भी हैं। फिल्‍म की रिलीज दो बार पोस्‍टपोन हो चुकी है। पहले इसे 3 मई 2024 को ही रिलीज किया जाना था, जिसे आगे बढ़ाकर 2 अगस्‍त 2024 किया गया। लेकिन इसे फिर पोस्‍टपोन करना पड़ा, जिसके बाद यह आख‍िरकार 15 नवंबर 2024 को रिलीज हुई है।

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