इन दिनों पंजाबी सिनेमा हिंदी दर्शकों के बीच भी खूब पसंद किया जा रहा है। इसकी वजह पर परमवीर सिंह चीमा कहते हैं, ‘लोग पंजाबियों को पसंद करते हैं और उनकी बहुत इज्जत करते है। जब मैं मुंबई गया तो वहां मुझे बहुत प्यार मिला क्योंकि मैं पंजाबी हूं। फिल्मों की बात करूं तो सबसे पहले तो पंजाबी फिल्मों में ज्यादा हिंसा नहीं होती। ऊपर से आप फैमिली के साथ इसे देखने जा सकते हो और यह गारंटी है कि आप हंसते हुए ही बाहर आओगे। बाकी इंडस्ट्रीज की फिल्मों में कई बार रोना-धोना भी हो जाता है, भावनाएं हावी हो जाती हैं। लेकिन पंजाबी फिल्मों में सब फ्लेवर होते हैं।’
कोविड में लगा हम इतने व्यस्त हैं कि कंधा देने नहीं जा सकते, मेरी फिल्म इसी पर है
'तेरे इश्क में' जैसी फिल्म और 'ब्लैक वॉरंट' जैसी OTT सीरीज से दर्शकों का दिल जीतने वाले परमवीर सिंह चीमा अब जल्द ही पंजाबी फिल्म 'पिट्ट सियापा' से दर्शकों को गुदगुदाएंगे। हाल ही में जब वह दिल्ली आए तो हमसे ढेर सारी बातें की:
इन दिनों पंजाबी सिनेमा हिंदी दर्शकों के बीच भी खूब पसंद किया जा रहा है। इसकी वजह पर परमवीर सिंह चीमा कहते हैं, ‘लोग पंजाबियों को पसंद करते हैं और उनकी बहुत इज्जत करते है। जब मैं मुंबई गया तो वहां मुझे बहुत प्यार मिला क्योंकि मैं पंजाबी हूं। फिल्मों की बात करूं तो सबसे पहले तो पंजाबी फिल्मों में ज्यादा हिंसा नहीं होती। ऊपर से आप फैमिली के साथ इसे देखने जा सकते हो और यह गारंटी है कि आप हंसते हुए ही बाहर आओगे। बाकी इंडस्ट्रीज की फिल्मों में कई बार रोना-धोना भी हो जाता है, भावनाएं हावी हो जाती हैं। लेकिन पंजाबी फिल्मों में सब फ्लेवर होते हैं।’
इन दिनों पंजाबी सिनेमा हिंदी दर्शकों के बीच भी खूब पसंद किया जा रहा है। इसकी वजह पर परमवीर सिंह चीमा कहते हैं, ‘लोग पंजाबियों को पसंद करते हैं और उनकी बहुत इज्जत करते है। जब मैं मुंबई गया तो वहां मुझे बहुत प्यार मिला क्योंकि मैं पंजाबी हूं। फिल्मों की बात करूं तो सबसे पहले तो पंजाबी फिल्मों में ज्यादा हिंसा नहीं होती। ऊपर से आप फैमिली के साथ इसे देखने जा सकते हो और यह गारंटी है कि आप हंसते हुए ही बाहर आओगे। बाकी इंडस्ट्रीज की फिल्मों में कई बार रोना-धोना भी हो जाता है, भावनाएं हावी हो जाती हैं। लेकिन पंजाबी फिल्मों में सब फ्लेवर होते हैं।’











