क्या है इस प्रस्ताव का मकसद?
यह प्रस्ताव कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड (CAC) का हिस्सा है। इसका मकसद विज्ञापन के नियमों को एक जैसा बनाना, कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई कम करना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है।नए नियमों के मुताबिक, सेलिब्रिटी केवल कंपनी के ब्रांड या कॉरपोरेट लेवल पर ही एंडोर्समेंट कर सकते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें भी जरूरी होंगी। सेलिब्रिटी यह नहीं कह पाएंगे कि आप इस खास म्यूचुअल फंड या शेयर में पैसा लगाएं। फिलहाल, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की इजाजत सिर्फ म्यूचुअल फंड कंपनियों (AMC) को इंडस्ट्री लेवल पर है, वह भी सेबी से पहले मंजूरी लेने के बाद।











