इंदौर। मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) ने यूनानी चिकित्सा अधिकारी के लिए हुई लिखित परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया। परिणाम जारी करने के बाद पीएससी जारी परिणाम पर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में कैविएट भी दायर कर रहा है। शुक्रवार को आयोग द्वारा कैविएट दायर की जा सकती है।परिणामों पर जारी आपत्तियां और विवाद के बीच आयोग किसी भी कानूनी अड़चन को ध्यान में रखते हुए कैविएट लगा रहा है।
कुल 28 पदों के लिए सितंबर 2022 में पीएससी ने लिखित परीक्षा आयोजित की थी। ओबीसी आरक्षण के मामले में कोर्ट से निर्णय लंबित होने के चलते पीएससी ने इस परीक्षा का परिणाम भी मुख्य और प्रावधिक सूची में बांट कर जारी किया है। 87 प्रतिशत पदों के मुकाबले तीन गुना अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में जबकि 13 प्रतिशत पदों के मुकाबले दो प्रावधिक सूची में तीन गुना लोगों को अलग से चयनित किया गया है।
चुने अभ्यार्थी इंटरव्यू के अगले दौर में शामिल होंगे। बीते दिनों से पीएससी की तमाम परीक्षाओं का रिजल्ट इसी तरह अधूरा जारी हो रहा है। पीएससी के सामने मुश्किल है कि आरक्षण पर अंतिम निर्णय नहीं आने से वह 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू नहीं कर सकता। अगर प्रक्रिया रोकी जाती है तो अभ्यर्थियों का गुस्सा भी भड़कता है। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए प्रावधिक व मुख्य सूची में बांटकर रिजल्ट जारी किए जा रहे हैं।
हालांकि इन अधूरे रिजल्ट से भी अभ्यर्थी नाखुश है। तमाम आपत्तियां और फार्मूले पर सवाल उठने के बाद पीएससी किसी भी तरह के एक तरफा स्थगन और कार्रवाई से बचने के लिए कैविएट लगाकर कानूनी हदबंदी में लगा है।आयोग ने रिजल्ट जारी करने के बाद कैविएट को लेकर भी सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है।











