भारत ने आरोपों को दृढ़ता से खारिज किया और इसे प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की 'वोट बैंक की राजनीति' का हिस्सा बताया। कनाडा और भारत के बीच हम उन भारतवंशी कनाडाई नागरिकों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने कनाडा में रहते हुए जमकर कामयाबी पाई है। इन भारतवंशियों की कहानी कनाडा में सफलता के शिखर पर पहुंचने की शानदार मिसाल है।
कौन है कनाडा में सबसे अमीर भारतीय?
22 साल की उम्र में पहुंचे कनाडा
प्रेम वत्स ने भी गाड़े सफलता के झंडे
उन्होंने पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए घर-घर जाकर सामान बेचा। वत्स ने इनवेस्टमेंट एनालिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत की। 1985 में उन्होंने टोरंटो स्थित फर्म फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की स्थापना की और तब से इसके अध्यक्ष और सीईओ बने हुए हैं।











