राजनयिक विवाद में कनाडा को मिला अमेरिका और ब्रिटेन का साथ, दोनों देशों ने भारत के रुख को बताया गलत

राजनयिक विवाद में कनाडा को मिला अमेरिका और ब्रिटेन का साथ, दोनों देशों ने भारत के रुख को बताया गलत
वाशिंगटन: भारत से कनाडा के राजनयिकों की वापसी पर अमेरिका और ब्रिटेन ने कहा है कि कदम चिंताजनक है। इससे रिश्तों में और कड़वाहट आएगी। दोनों देशों को रिश्तों में सुधार की ओर सोचना चाहिए। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मामले पर कहा है कि हम कनाडा के राजनयिकों के भारत से लौटने पर चिंतित हैं। समस्याओं के समाधान के लिए डिप्लोमैट्स का ग्राउंड पर रहना जरूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि भारत वियना कन्वेंशन के तहत अपने दायित्वों का पालन करेगा। राजनयिकों की सुरक्षा प्रदान करने वाले विशेषाधिकारों को एकतरफा हटाना वियना कन्वेंशन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। अमेरिका ने ये भी कहा कि कनाडा के आरोप गंभीर हैं। हम भारत से हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग करने का आग्रह करते हैं।


कनाडा भी भारत पर हुआ आग-बबूला

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने ये जानकार दी थी कि उनकी सरकार ने 41 कनाडाई राजनयिकों और उनके 42 परिवार के सदस्यों को भारत से वापस बुला लिया है। इसके पीछे भारत का मनमाने ढंग से उनकी सुरक्षा हटाने का फैसला है। इससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। भारत से 41 राजनयिकों को वापस बुलाने के बाद कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार अपने कदमों से दोनों देशों के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है।

कनाडा भी भारत पर हुआ आग-बबूला

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने ये जानकार दी थी कि उनकी सरकार ने 41 कनाडाई राजनयिकों और उनके 42 परिवार के सदस्यों को भारत से वापस बुला लिया है। इसके पीछे भारत का मनमाने ढंग से उनकी सुरक्षा हटाने का फैसला है। इससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। भारत से 41 राजनयिकों को वापस बुलाने के बाद कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार अपने कदमों से दोनों देशों के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है।
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