सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
यूपी हाउसिंग बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राकेश चंद्रा के मुताबिक, डीसी कार्यालय को भूमि उपयोग के उल्लंघन पर कई शिकायतें मिलने के बाद गठित समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण अभी भी जारी है और पहले से ही 5,000 से अधिक भूखंडों की पहचान की गई है जहां अवैध निर्माण हुए हैं। अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी और उसके निर्देश के आधार पर गलती करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो सकती है।इन सेक्टरों में बनाए गए हैं फ्लैट
वसुंधरा विकास समिति के संरक्षक यूपी गर्ग के मुताबिक, इनमें से अधिकतर उल्लंघन सेक्टर 2, 3, 5, 10, 10 ए, 12, 14 और 16 में किया गया है। अवैध निर्माणों का हमेशा पानी, जल निकासी और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर सीधा और खराब असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए यूपी हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी और डेवलपर्स समान रूप से जिम्मेदार हैं।वसुंधरा विकास समिति के संरक्षक यूपी गर्ग के मुताबिक, कई छोटे डेवलपर्स न केवल बोर्ड की नाक के नीचे बहुमंजिला इमारतें बनाने में न सिर्फ कामयाब रहे हैं, बल्कि इन फ्लैटों को बेचने में भी सफल रहे हैं। वसुंधरा विकास समिति के संरक्षक यूपी गर्ग ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर उल्लंघन, वह भी इतने वर्षों में, बोर्ड अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता था। इसकी जांच की जरूरत है।











