गुप्ता के पास माइनिंग इंडस्ट्री में 28 साल से ज्यादा का अनुभव है। साथ ही वह भारत और विदेशों में भी काम कर चुके हैं। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की स्थापना 1967 में की गई थी। यह देश की पहली पीएसयू था और इसका काम देश में कॉपर का उत्पादन करना था। इसने नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की जिम्मेदारी संभाली थी। यह कॉपर प्रॉडक्शन की पूरी प्रोसेस पर काम करती है। इसमें माइनिंग से लेकर कॉपर को मार्केट रेडी प्रॉडक्ट में बदलना शामिल है। पिछले पांच साल में कंपनी का प्रॉफिट 30 परसेंट के सीएजीएआर के साथ बढ़ा है। साथ ही कंपनी ने 29.9 परसेंट का शानदार डिविडेंड दिया है।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने अपने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। मल्टीबैगर स्टॉक ऐसे शेयरों को कहा जाता है जिनमें काफी ग्रोथ देखी जाती है। यह शब्द पीटर लिंच ने गढ़ा था। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड इस परिभाषा में फिट बैठती है। पिछले तीन साल में कंपनी के शेयरों में 326 परसेंट तेजी आई है। इस कंपनी में सरकार की 66.14 परसेंट हिस्सेदारी है। निवेशकों को इस ट्रेंडिंग स्टॉक पर करीबी नजर रखनी चाहिए।











