वैरीफाई हुआ नंबर
द सन का दावा है कि उस नंबर को वैरीफाई भी कर लिया गया है। सुनक का यह वह नंबर है जिसका उपयोग उन्होंने कई वर्षों तक किया था। सुनक के पास यह नंबर तब था जब वह पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में चांसलर थे। हालांकि जब पिछले साल उन्होंने पीएम का पद संभाला था तो उन्हें एक नई डिवाइस दे दी गई थी। सुनक को कोविड-19 जांच के लिए मोबाइल नंबर नहीं देने की वजह से काफी विरोध झेलना पड़ा था। उस समय सुनक ने कहा था कि उन्होंने ऐप का बैकअप नहीं लिया था और महामारी के बाद से कई बार फोन बदल चुके हैं।
द सन का दावा है कि उस नंबर को वैरीफाई भी कर लिया गया है। सुनक का यह वह नंबर है जिसका उपयोग उन्होंने कई वर्षों तक किया था। सुनक के पास यह नंबर तब था जब वह पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में चांसलर थे। हालांकि जब पिछले साल उन्होंने पीएम का पद संभाला था तो उन्हें एक नई डिवाइस दे दी गई थी। सुनक को कोविड-19 जांच के लिए मोबाइल नंबर नहीं देने की वजह से काफी विरोध झेलना पड़ा था। उस समय सुनक ने कहा था कि उन्होंने ऐप का बैकअप नहीं लिया था और महामारी के बाद से कई बार फोन बदल चुके हैं।
लेकिन सोशल मीडिया की पोस्ट से सुनक का दावा गलत साबित हो जाता है। पोस्ट से पता लगता है कि सुनक का वह फोन अभी तक चालू है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता के हवाले से स्काई न्यूज ने कहा है कि इसे सुरक्षा मामला मानते हुए इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया गया है। हम सुरक्षा मामलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं। यह दूसरी बार है जब किसी प्रधानमंत्री का फोन नंबर ऑनलाइन लीक हो गया है। साल 2021 में तत्कालीन पीएम जॉनसन का मोबाइल नंबर वेबसाइट पर आ गया था। यह वह नंबर था जिसे जॉनसन 15 वर्षों से प्रयोग कर रहे थे।
जब जॉनसन का नंबर हो गया लीक
साल 2006 में जब जॉनसन हायर एजुकेशन मिनिस्टर थे तभी एक प्रेस रिलीज के नीचे उनका नंबर जारी कर दिया गया था। उस समय की रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीनियर अधिकारियों ने पहले ही सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से जॉनसन को फोन नंबर बदलने की सलाह दी थी। जॉनसन ने बाद में कोविड पूछताछ में यह भी दावा किया कि वह फोन चालू करने के बारे में सुरक्षा चिंताओं के कारण महामारी से जुड़े मैसेज हासिल करने में असमर्थ थे। इसके बाद रिपोर्ट्स आई थीं कि जॉनसन डिवाइस के लिए जरूरी पिन भी भूल गए थे।











