इस बैठक में रूस, जर्मनी और जापान समेत 23 अन्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ राजनयिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हम यहां इस खतरनाक चलन को उजागर करने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने और ऐसे हमलों को रोकने की अपील करने के लिए आए हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और लाइबेरिया के बीच बड़ी डील, समुद्री इलाके में होगा जबरदस्त फायदा
नई दिल्ली: भारत ने लाइबेरिया के साथ मिलकर 'शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा' पर 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' बनाने के लिए हाथ मिलाया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई पहली बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि समुद्री व्यापार में रुकावट डालने वाले और बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले काम किसी भी तरह से सही नहीं ठहराए जा सकते।
इस बैठक में रूस, जर्मनी और जापान समेत 23 अन्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ राजनयिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हम यहां इस खतरनाक चलन को उजागर करने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने और ऐसे हमलों को रोकने की अपील करने के लिए आए हैं।
इस बैठक में रूस, जर्मनी और जापान समेत 23 अन्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ राजनयिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हम यहां इस खतरनाक चलन को उजागर करने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने और ऐसे हमलों को रोकने की अपील करने के लिए आए हैं।
