स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानि SIPRI ने ग्लोबल आर्म्स ट्रांसफर डेटाबेस की रिपोर्ट्स के संकलन के आधार पर अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इजरायल 2020-2024 के दौरान पहले से ही दुनिया का आठवां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक था, जिसकी वैश्विक प्रमुख हथियार निर्यात में 3.1% हिस्सेदारी थी। लेकिन इजरायल और इजरायली रक्षा कंपनियों के बहिष्कार के आह्वान के बावजूद, तेल अवीव ने 2024 में किसी भी अन्य वर्ष की तुलना में ज्यादा हथियार बेचे हैं। इजरायली रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में, इजरायल का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 14.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसने 2023 के 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर के पिछले उच्च स्तर को तोड़ दिया है।
यूरोपीय देश कैसे कर रहे इजरायल का बहिष्कार?
साल 2024 में इजरायल ने जितना हथियार बेचा था उसका 54 प्रतिशत हिस्सा यूरोपीय देशों ने खरीदा था। इजरायली हथियारों की टेक्नोलॉजी काफी एडवांस होती है। लेकिन गाजा युद्ध में जारी विनाशक तबाही को देखते हुए कई यूरोपीय देशों ने इजरायल के साथ डिफेंस समझौते खत्म कर दिए हैं।
साल 2024 में इजरायल ने जितना हथियार बेचा था उसका 54 प्रतिशत हिस्सा यूरोपीय देशों ने खरीदा था। इजरायली हथियारों की टेक्नोलॉजी काफी एडवांस होती है। लेकिन गाजा युद्ध में जारी विनाशक तबाही को देखते हुए कई यूरोपीय देशों ने इजरायल के साथ डिफेंस समझौते खत्म कर दिए हैं।
- स्पेन ने इजरायल के साथ 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर के एंटी-टैंक मिसाइल, गोला-बारूद के सौदे को रद्द किया
- स्लोवेनिया ने इजरायल के साथ हथियार व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया
- जर्मनी ने गाजा युद्ध को आधार बनाकर इजरायल से हथियारो आपूर्ति रोकी
- इजरायल की रक्षा कंपनियों को पेरिस एयर शो, NEDS (नीदरलैंड्स) और अबू धाबी के IDEX जैसे डिफेंस प्रदर्शनी से बाहर किया गया











