चंद्रचूड़ सिंह की हवेली पर चाची ने किया अवैध कब्जा, एक्टर का आरोप- पिता की फर्जी वसीयत बनाई, साजिश रच रहे

चंद्रचूड़ सिंह की हवेली पर चाची ने किया अवैध कब्जा, एक्टर का आरोप- पिता की फर्जी वसीयत बनाई, साजिश रच रहे
साल 1990 के दशक की हिट फिल्म 'माचिस' समेत कई फिल्मों में काम करने वाले एक्टर चंद्रचूड़ सिंह ने 19वीं सदी की अपनी पुश्तैनी जायदाद से जुड़े पारिवारिक विवाद को लेकर अलीगढ़ जिला प्रशासन से संपर्क किया है। बॉलीवुड एक्टर ने शनिवार को एक बार फिर अपने पैतृक संपत्ति विवाद को अधिकारियों से मिले। उन्होंने कलेक्ट्रेट और एसएसपी ऑफिस में प्रार्थना पत्र सौंपा और इस मामले में निष्पक्ष जांच करके समाधान निकालने की मांग की। ये मामला पिछले साल दिसंबर 2025 से ही चल रहा है।

पूरे 6 महीने के बाद एक्टर दूसरी बार ऐसा कर रहे हैं। वो दूसरी बार मामले को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे हैं। चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उस पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इसमें उनकी चाची को सबसे बड़ा पहलू माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी चाची ने ही जायदाद पर कब्जा किया है।


चंद्रचूड़ सिंह ने चाची पर लगाए आरोप

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जलालपुर में अपने घर पर मीडिया से बातचीत करते हुए चंद्रचूड़ सिंह ने आरोप लगाया कि चाची द्वारा फर्जी वसीयत तैयार कर उनकी कीमती जमीन और एक ऐतिहासिक हेरिटेज हवेली पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। एक्टर का कहना है कि उनकी पैतृक संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की साजिश रची जा रही है, जिसमें कुछ स्थानीय नेताओं का भी रोल है। उन्होंने अपनी चाची और उनके बेटे को लेकर कहा कि वो ही इस पर कब्जा करके बैठे हैं और घुसने तक नहीं दे रहे।


DM से मांगी थी मदद

पिछले साल पत्रकारों से बात करते हुए एक्टर ने कहा कि उन्हें डर है कि 'हमारी पुश्तैनी हवेली चुपके से बेची जा रही है'। PTI वीडियो को दिए एक बयान में एक्टर ने कहा था, 'DM साहब हमारी मदद करेंगे। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं क्योंकि हमारी पुश्तैनी जमीन और हवेली को लेकर विवाद चल रहा है।'

'कल्याण भवन' नाम की हवेली पर विवाद

इस विवाद के केंद्र में 'कल्याण भवन' है, जो छह एकड़ में फैली एक हवेली है। इसे 1885 में तब बनवाया गया था जब अतरौली (अवागढ़) के राजा ने ठाकुर कल्याण सिंह को तीन गांव तोहफे में दिए थे। ठाकुर कल्याण सिंह, कैप्टन बलदेव सिंह के परदादा थे। कैप्टन बलदेव सिंह अलीगढ़ के पूर्व MLA और चंद्रचूड़ सिंह के पिता थे। यह एस्टेट, जो पहले जलालपुर गांव का हिस्सा था, आज अलीगढ़ शहर की सीमा के अंदर आता है।


प्रॉपर्टी को लेकर परिवार में मतभेद बढ़े

परिवार के सदस्यों ने बताया कि समय के साथ परिवार में मतभेद बढ़ते गए। यह झगड़ा स्वर्गीय कैप्टन बलदेव सिंह (जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ दून स्कूल में पढ़ते थे) के वंशजों और उनके सबसे छोटे भाई गंगा सिंह के बच्चों के बीच हुआ। गंगा सिंह 1965 की लड़ाई में शामिल थे और 1960 के दशक के आखिर में परिवार की बड़ी जागीर को संभालने के लिए सेना छोड़ दी थी।


प्रॉपर्टी से जुड़ी बातें जानिए:

  • कैप्टन बलदेव सिंह, जो कभी कांग्रेस के बड़े नेता थे, 1989 में वी.पी. सिंह के साथ पार्टी छोड़कर चले गए।
  • बाद में उन्होंने जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन बीजेपी की शीला गौतम से बहुत कम अंतर से हार गए।
  • उनकी पत्नी कृष्णा देवी ओडिशा के एक शाही परिवार से हैं।
  • रिश्तेदारों के अनुसार, गंगा सिंह ने 1990 के दशक के आखिर में प्रॉपर्टी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था, जब कैप्टन बलदेव सिंह राजनीति में और बाद में अपने बेटों चंद्रचूड़ और अभिमन्यु सिंह के फिल्म प्रोडक्शन के कामों में व्यस्त थे।


चाची गायत्री देवी ने भी दी चुनौती

उनकी चाची गायत्री देवी, जो गुजरात के एक शाही परिवार से हैं और स्वर्गीय गंगा सिंह की पूर्व पत्नी हैं, उन्होंने भी चंद्रचूड़ सिंह के दावों को चुनौती देते हुए जिला अधिकारियों से संपर्क किया। अब यह प्रॉपर्टी नेशनल हाईवे के पास घनी आबादी वाले इलाके में है, इसलिए इसकी कीमत तेजी से बढ़ गई है, जिससे इस प्रॉपर्टी को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
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