आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से ड्रिलिंग कर रही भारी भरकम ऑगर मशीन का ब्लेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। टनों वजनी ब्लेड के मलबे को रेस्क्यू में जुटी टीम सुरंग से बाहर लेकर आई। ऑगर मशीन के रास्ते में लोहे की सरिया समेत तमाम चीजें आ रही हैं। इसकी वजह से ब्लेड खराब हो गया है। एक दिन पहले ही इसके लंबे प्लेटफॉर्म को सही किया गया था। अब यह फिर से खराब हो गया है। बताया जा रहा है कि सुरंग में वर्टिकल ड्रिलिंग के जरिये अब अंदर फंसे 41 मजदूरों को निकाला जाएगा।
टेंशन के चलते तीन मजदूरों की तबीयत खराब
इस बीच, खबर आई है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी की वजह से अंदर तीन मजदूरों की तबीयत खराब हो गई है। टेंशन की वजह से इनको सिरदर्द और सीने में दर्द की शिकायत है। दूसरी ओर मजदूरों के परिजन भी बेहद निराश हैं। 57 मीटर के मलबे में ड्रिलिंग कर अब तक 46.8 मीटर तक स्टील पाइप डाले जा चुके हैं जबकि 10-12 मीटर ड्रिलिंग शेष है। इस बार मलबे में 25 मिमी की सरिया व लोहे के पाइप ड्रिलिंग में बाधा बने हैं। उन्होंने बताया कि ऑगर मशीन को निकालकर गैस कटर से बाधाओं को हटाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मशीन के आगे बार-बार लोहे की चीजें आने से ड्रिलिंग का कार्य प्रभावित हो रहा है।











