भारतीय को टक्कर मारने वाले अमेरिकी को सजा नहीं : पुलिस अफसर के खिलाफ सबूतों की कमी

भारतीय को टक्कर मारने वाले अमेरिकी को सजा नहीं : पुलिस अफसर के खिलाफ सबूतों की कमी

अमेरिका के सिएटल में भारतीय छात्रा जाह्नवी कमडुला की मौत के जिम्मेदार पुलिस अफसर केविन डेव पर मुकदमा नहीं चलेगा। उसे सजा नहीं मिलेगी। अथॉरिटीज का कहना है कि पुलिस अफसर के खिलाफ सबूत नहीं मिले।

24 जनवरी 2023 को जाह्नवी कमडुला की पुलिस पैट्रोल कार से टक्कर लगने पर मौत हो गई थी। गाड़ी पुलिस ऑफिसर केविन डेव चला रहे थे, इसलिए उन पर जाह्नवी की मौत को लेकर कार्रवाई हो रही थी।

अन्य अफसर ने मजाक उड़ाया था
केवन के साथ कार में डेनियल ऑडेरर नाम का पुलिस अफसर भी मौजूद था। उसने जाह्नवी की मौत का मजाक उड़ाया था।

पुलिस ऑफिसरों की कार का एक वीडियो और ऑडियो सामने आया था। इसमें डेनियल कह रहा था कि भारतीय छात्रा की जिंदगी की लिमिटेड वैल्यू थी। एक चेक लिखने से काम बन जाएगा।

बॉडीकैम ऑन था तो बातें रिकॉर्ड हुई
पुलिस ऑफिसर डेनियल जब छात्रा की मौत का मजाक उड़ा रहा था, तो उसका बॉडी-कैम यानी उसके शरीर पर लगा कैमरा ऑन था। इससे सारी बातें रिकॉर्ड हो गईं। वो अपनी कार में बैठकर ये कहता सुनाई दे रहा था कि लड़की एक्सीडेंट के बाद 40 फीट तक नहीं उछली, पर वो मर चुकी है।

इसके बाद डेनियल ठहाके लगाकर हंसने लगा। फिर उसने कहा- वो एक रेगुलर इंसान थी। 11 हजार डॉलर (9 लाख) का चेक लिखने से काम बन जाएगा। पुलिस ऑफिसर फिर हंसते हुए कहता है कि वो सिर्फ 26 साल की थी। उसकी लिमिटेड वैल्यू थी।

8 महीने बाद घटना का खुलासा हुआ था
जाह्नवी की मौत जनवरी 2023 में हुई थी। सितंबर 2023 में सिएटल पुलिस ने उसकी मौत का मजाक उड़ाए जाने का खुलासा किया था। पुलिस ने कहा था- डिपार्टमेंट के किसी कर्मचारी ने रूटीन चेक के लिए बॉडी-कैम से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो सुने। जाह्नवी पर किए कमेंट्स कर्मचारी को आपत्तिजनक लगे और उसने अपने सीनियर्स से इसकी शिकायत की।

इसके बाद मजाक उड़ाने वाले अफसर डेनियल ऑडेरर और गाड़ी चलाने वाले अफसर केवन पर केस दर्ज हुआ। मामले की जांच शुरू हुई। कोर्ट के सामने पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अफसरों ने छात्रा को CPR भी दिया था।

मजाक उड़ाने वाले अफसर ने कहा- मेरी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया
BBC के मुताबिक पुलिस अफसर डेनियल ने खुद पर लगे आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। उसने कहा था कि वो सिर्फ शहर के अटॉर्नी की नकल कर रहा था। जो ऐसे मामलों में सजा सुनाने के दौरान ढिलाई बरतते हैं।


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