रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगी अगर पूर्व-निवारक हमलों के साथ रणनीतिक दुश्मन परमाणु ताकतों को नष्ट करने का विकल्प चुनते हैं, तो वे इन देशों के अंदर दूरस्थ लक्ष्यों तक भी पहुंच सकते हैं और उनका सफाया कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने पाया है कि अमेरिका के पास अधिक उन्नत गैर-परमाणु हथियार हैं जो पश्चिम को रूस और चीन जैसे शासनों पर बढ़त देते हैं। चीन और रूस के परमाणु लॉन्चपैड पारंपरिक मिसाइलों और वितरण प्रणालियों में अमेरिका की क्षमता को देखते हुए असुरक्षित हैं।
रूस और चीन की साइट क्यों हैं असुरक्षित
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी रूस और चीन की सबसे दबी हुई और मोबाइल रणनीतिक ताकतों को भी नुकसान कर सकते हैं। अमेरिका 2026 तक जर्मनी में लंबी दूरी की आईसीबीएम तैनात करने के लिए तैयार है, जो सभी रूसी मिसाइल लॉन्चपैड को अपनी सीधी सीमा में लाएगा। जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा है कि लंबी दूरी की अमेरिकी मिसाइलों की तैनाती से यूरोप को अपनी मिसाइलें विकसित करने का समय मिलेगा।
अमेरिका की हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों (जेएएसएसएम) के जरिए रूस और चीन के अंदर के सबसे रणनीतिक स्थान भी उसकी पहुंच के भीतर होंगे। अमेरिका F-22 रैप्टर्स, लाइटनिंग F-35 और F-117 नाइटहॉक्स सहित अपने खतरनाक बमवर्षकों और स्टील्थ लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए जबरदस्त हवाई हमले करने में भी सक्षम है। AMRAAM, SM-3 और SM6 जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को स्टील्थ बॉम्बर्स, जहाजों और जमीन से दागा जा सकता है। इसके अलावा, एजिस, पैट्रियट और थाड जैसा एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका को रूसी और चीनी आईसीबीएम को मार गिराने की क्षमता देती हैं।
अमेरिका के पास मौजूद हैं खतरनाक हथियार
अमेरिका के पास हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी हैं जिनका इस्तेमाल प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद बूस्ट चरण में दुश्मन के रॉकेट को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है विशेषज्ञों का तर्क है कि रूस और चीन के शस्त्रागार में मौजूद बमवर्षक धीमे और कमजोर हैं। चीन के पास 6,835 मील से अधिक के लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम रणनीतिक रेंज के बमवर्षकों की कमी है, ये अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा नहीं बनता है।











