शांति सेना की स्थापना
ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका और इजरायल गाजा के भविष्य के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में उन्होंने एक जिस सबसे अहम विकल्प पर चर्चा की है वह है एक पीसकीपिंग फोर्स यानी शांति दल की स्थापना करना। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस शांति सेना की स्थापना सन् 1979 की मिस्र-इजरायल शांति संधि की देखरेख में होगी। इसमें कहा गया है कि तीसरा विकल्प गाजा को अस्थायी रूप से संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में रखना होगा। सूत्रों ने बताया कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और बहुत कुछ बदल सकता है।
ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका और इजरायल गाजा के भविष्य के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में उन्होंने एक जिस सबसे अहम विकल्प पर चर्चा की है वह है एक पीसकीपिंग फोर्स यानी शांति दल की स्थापना करना। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस शांति सेना की स्थापना सन् 1979 की मिस्र-इजरायल शांति संधि की देखरेख में होगी। इसमें कहा गया है कि तीसरा विकल्प गाजा को अस्थायी रूप से संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में रखना होगा। सूत्रों ने बताया कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और बहुत कुछ बदल सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मंगलवार को सीनेट पैनल को संबोधित करते हुए गाजा के भविष्य के लिए एक योजना पेश करने की चुनौती का जिक्र किया। ब्लिंकन ने सीनेट कमेटी से कहा, 'गाजा पर हमास के शासन के साथ हम यथास्थिति में बदलाव नहीं कर सकते। हम भी ऐसा नहीं कर सकते और इजरायल अगर खुद इस प्रस्ताव पर गौर कर रहा है कि गाजा को वह चला रहा है या उसे नियंत्रित कर रहा है। इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के लड़ाकू विमानों ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया और उन्हें नष्ट कर दिया है। आईडीएफ ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसने हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी हथियारों को नष्ट कर दिया है।
जिबिलया में शरणार्थी कैंप तबाह
इजरायली सेना पहले ही कह चुकी है कि अगर उधर से उकसावे की कार्रवाई हुई तो वह हिजबुल्लाह से भी लड़ने को तैयार है। आईडीएफ पहले से ही गाजा में हमास से लड़ने में लगा हुआ है, लेकिन एक पेशेवर बल होने के नाते, अगर इजरायल पर हर तरफ से हमला होता है तो वह बहुआयामी लड़ाई के लिए हमेशा तैयार रहता है। इस बीच इजरायल ने जबिलिया में शरणार्थी शिविर को निशाना बनाया है। इस हमले में 50 लोगों की मौत की खबरें हैं। लेकिन आईडीएफ के दो सैनिकों की भी मौत हुई है। आईडीएफ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने गाजा के जबालिया में सबसे बड़े शरणार्थी शिविर पर हमले की पुष्टि भी की। उन्होंने कहा कि आईडीएफ ने हमास के उत्तरी कमांडर इब्राहिम बियारी को मार डाला था, जो जबालिया में स्थित था। हगारी ने कहा कि हमले में हमास के कई आतंकवादी भी मारे गए











