गोवा-मुंबई और बेंगलुरु में रातभर पार्टी, श्रीनगर के लाल चौक पर पहली बार जबर्दस्त भीड़; मनाली-शिमला में होटल फुल

गोवा-मुंबई और बेंगलुरु में रातभर पार्टी, श्रीनगर के लाल चौक पर पहली बार जबर्दस्त भीड़; मनाली-शिमला में होटल फुल

नया साल 2024 शुरू हो गया है। लोग अपने परिवार और करीबियों को कॉल और मैसेज के जरिए नए साल की शुभकामनाएं दे रहे हैं। टूरिस्ट और पिकनिक स्पॉट के साथ धार्मिक स्थलों पर भी नए साल की धूम है।

देशभर के मॉल, पब और क्लबों में 31 दिसंबर को रातभर पार्टी हुई। इस बार 30 और 31 दिसंबर को वीकेंड के अलावा 1 जनवरी को नया साल होने की वजह से 3 दिन की छुटि्टयां हैं। गोवा में समुद्र के किनारे आतिशबाजी के बीच रात के 12 बजे लोगों ने नए साल का स्वागत किया।

मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, गुरुग्राम और कोलकाता जैसे शहरों में भी लोगों ने रातभर पार्टी की। शिमला, मनाली और गुलमर्ग जैसे टूरिस्ट स्पॉट पर लोग पहाड़, जंगल और बर्फ देखने के लिए पहुंचे। इसके चलते मनाली-शिमला में सभी होटल्स लगभग फुल हैं।

श्रीनगर के लाल चौक पर भी नए साल के स्वागत में भारी लोग उमड़े। प्रशासन के मुताबिक, ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया। घंटा घर पर पर्यटन विभाग ने म्यूजिकल प्रोग्राम का आयोजन किया था।

भारत में हिंदू नव वर्ष के अलावा अन्य धर्मों की अलग परम्पराएं
भारत में नया साल 5 बार मनाया जाता है। 1 जनवरी को ईसाई न्यू ईयर के अलावा हिंदू, पंजाबी, जैन और पारसी समुदाय अलग-अलग महीनों में नए साल का उत्सव मनाते हैं। चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) की शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इसी दिन से नए संवत्सर की शुरुआत भी होती है। इसे गुड़ी पड़वा, युगादी नामों से देश के विभिन्न राज्यों में मनाया जाता है।

इसके अलावा पंजाब में नया साल वैशाखी (अप्रैल-मई) पर्व के रूप में मनाया जाता है। जैन समुदाय के लोग दीपावली के अगले दिन से नया साल मनाते हैं। इसे वीर निर्वाण संवत भी कहा जाता है। पारसी धर्म का नया साल अगस्त में नवरोज उत्सव के साथ शुरू होता है। इसके अलावा इस्लामिक कैलेंडर का नया साल मुहर्रम होता है, जो जुलाई से शुरू होता है।


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