धरती पर एलियंस का खजाना? 100 साल से दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए रहस्‍य बना गोल पत्‍थर, सब हैरान

धरती पर एलियंस का खजाना? 100 साल से दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए रहस्‍य बना गोल पत्‍थर, सब हैरान
सैन जोस: मध्य अमेरिका के खूबसूरत देश कोस्टा रिका के दक्षिणी डिक्विस डेल्टा क्षेत्र में लगभग 100 साल पहले जब केला के बागानों के लिए घने वर्षावनों को साफ किया जा रहा था तब मजदूरों का सामना एक ऐसी अजीबोगरीब चीज से हुआ जिसने पूरी दुनिया के पुरातत्वविदों को हैरत में डाल दिया। घने जंगलों के बीच जमीन में दबे मिले बिल्कुल गोल आकार के सैकड़ों विशाल पत्थर। स्थानीय भाषा में इसे 'लास बोलास डी पिएड्रा' यानी 'पत्थर के गोले' कहे जाते हैं। ये रहस्यमय पत्थर आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझी पहेली बने हुए हैं।


छोटे आकार से लेकर कई टन वजनी बिल्कुल गोल पत्थर

ऐसा लगता है कि बहुत सावधानी के साथ इन सैकड़ों पत्थरों को बनाया गया है। वैज्ञानिक हैरान इस बात को लेकर हैं कि इतनी बेहतरीन अंदाज में इन गोलों को किसने बनाया होगा। इस क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि इन पत्थरों को एलियंस धरती पर लाए होंगे और इनमें खजाने भरे हो सकते हैं। कुछ पत्थरों को इसी मान्यता के साथ तोड़ भी दिया गया हालांकि उनमें से कुछ नहीं निकला। खुदाई में निकले ये पत्थर किसी मशीन की तरह एकदम गोल और छूने में बेहद चिकने थे।कुछ पत्थर महज कुछ इंच के थे तो कई का व्यास कई फीट का था और उनका वजन कई टन दर्ज किया गया। अभी तक की जांच में पता चला है कि ये कोई साधारण पत्थर नहीं हैं बल्कि इन्हें 'गैब्रो' नामक एक बेहद सख्त ज्वालामुखीय चट्टान से तराशा गया था। पुरातत्वविदों के मुताबिक इन रहस्यमय पत्थरों को डिक्विस संस्कृति के लोगों ने लगभग 700 ईस्वी से 1535 ईस्वी के बीच बनाया था। जब इस प्राचीन सभ्यता का अंत हुआ और लोग इस जगह को छोड़कर चले गए तो समय के साथ यह इलाका घने जंगलों में तब्दील हो गया और ये पत्थर सदियों तक दुनिया की नजरों से ओझल रहे।


एलियंस और सोने की खोज की कहानी

जंगलों से जैसे ही ये अनोखे गोल पत्थर बाहर आए इनके बनने की वजह को लेकर तरह-तरह की कहानियां और मिथक सामने आने लगे। कुछ लोगों का दावा था कि इतने सटीक और गोल पत्थरों को बिना किसी आधुनिक मशीन के इंसान नहीं बना सकते इसलिए इनका निर्माण किसी दूसरे ग्रह के जीव ने किया था। एक थ्योरी यह भी आई कि ये पत्थर जलमग्न हो चुकी पौराणिक नगरी 'अटलांटिस' के संकेत हैं।

एक बड़ा अंधविश्वास यह फैल गया कि इन पत्थरों के अंदर सोना भरा हुआ है। सोने के लालच में कई मजदूरों ने डायनामाइट लगाकर दर्जनों प्राचीन पत्थरों को उड़ा दिया। वहीं लगातार नुकसान और चोरी के बाद 1980 के दशक में कोस्टा रिका सरकार ने इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया। इसके बाद 2014 में यूनेस्को ने डिक्विस के इन रहस्यमयी पत्थरों को 'विश्व धरोहर स्थल' का दर्जा दिया।
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