फडणवीस के लेटर पर अजित पवार बोले पहले नवाब मलिक का स्टैंड जानना जरूरी

फडणवीस के लेटर पर अजित पवार बोले पहले नवाब मलिक का स्टैंड जानना जरूरी

NCP नेता नवाब मलिक के अजित गुट में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। अजित पवार महाराष्ट्र के महा युति गठबंधन में शामिल है और डिप्टी CM की भूमिका निभा रहे हैं। डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने अजित को लेटर लिखकर नवाब मलिक को गठबंधन में शामिल न करने की मांग की थी।

लेटर को लेकर अजित बोले- हमने महा युति अलायंस 2 जुलाई को ज्वाइन किया था। नवाब पहली बार विधानसभा आए हैं। पहले नवाब मलिक का स्टैंड जानना जरूरी है। इसके बाद ही मैं NCP (अजित गुट) का रुख बताऊंगा।

सुप्रिया सुले बोलीं- अजित गुट को फंसाया गया
NCP की वर्किंग प्रेसिडेंट सुप्रिया सुले ने गुरुवार (7 दिसंबर) को कहा था कि BJP भारतीय जुमला पार्टी में बदल गई है। उन्होंने अजित गुट को फंसाया है। मैंने वह लेटर पढ़ा और जिस तरह से नवाब मलिक की बेइज्जती की गई है वह गलत है।

लेटर पर क्या बोले अजित पवार?
डिप्टी CM अजित पवार ने कहा- मुझे फडणवीस का लेटर मिला है। नवाब मलिका के आधिकारिक रूप से ऐलान करने के बाद ही मैं अपनी बात रख सकूंगा। विधानसभा में कौन किस ओर बैठेगा इसका फैसला मैं नहीं करता हूं। यह फैसला स्पीकर करते हैं।

फडणवीस के लेटर में क्या?
दरअसल, फडणवीस ने कहा था- मलिक पर दाऊद से कनेक्शन के आरोप हैं। यह केस अभी चल रहा है और वो मेडिकल बेल पर बाहर हैं। मैं जानता हूं कि आपकी पार्टी में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, इसका फैसला आप करेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि नवाब मलिक का आपकी पार्टी से जुड़ना अलायंस को नुकसान पहुंचा सकता है। महाविकास अघाड़ी (MVP) सरकार में नवाब मलिक मंत्री थे। गिरफ्तार होने के बावजूद वे मंत्री बने रहे थे। लेकिन हमारा अलायंस MVP की तरह नहीं है।

विधानसभा में सत्ता पक्ष की ओर नवाब मलिक बैठे थे
गुरुवार (7 दिसंबर) को नवाब मलिक महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल हुए और सत्ता पक्ष की तरफ बैठे गए। इससे पहले वह अजित गुट के ऑफिस में भी गए थे। इसके बाद कयास से ही कयास लगाए गए कि नवाब मलिक अजित गुट में शामिल होने जा रहे हैं। इसे लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता अंबादास दानवे और सुषमा अंधारे ने मलिक पर हमला किया था। उन्होंने कहा- मलिक ने खुद तय नहीं किया कि वह बागी हैं या शरद पवार गुट से जुड़े हैं। इन कयास को लेकर नवाब मलिक बोले- मैं NCP में ही हूं और हमारे बीच कोई बंटवारा नहीं हुआ है, हम एक है।

18 महीने तक जेल में रहे नवाब मलिक

मलिक को 23 फरवरी 2022 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने कुर्ला में गोवावाला कंपाउंड की एक जमीन के लिए कथित तौर पर भगोड़े घोषित अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके साथियों से पैसों का लेनदेन किया। 11 अगस्त 2023 को सेहत खराब होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। वे 18 महीने तक जेल में रहे।

डिप्टी CM फडणवीस ने खुलासा किया था

9 नवंबर 2021 को महाराष्ट्र के डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड से रिश्ते का सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि नवाब मलिक ने दाऊद इब्राहिम के गैंग से जमीनें खरीदीं। ये जमीनें मुंबई में ब्लास्ट करने के आरोपियों की हैं।

देवेंद्न फडणवीस ने आरोप लगाया कि सरदार शाह वली खान और हसीना पारकर के करीबी सलीम पटेल के नवाब मलिक के साथ व्यवसायिक संबंध हैं। इन दोनों ने नवाब मलिक के रिश्तेदार की एक कंपनी (Solidus company) को मुंबई के LBS रोड पर मौजूद करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम में बेची।

फडणवीस के मुताबिक जमीन की बिक्री सरदार शाह वली खान और सलीम पटेल ने की थी। नवाब मलिक भी इस कंपनी से कुछ समय के लिए जुड़े हुए थे। कुर्ला के LBS रोड पर मौजूद 3 एकड़ जमीन सिर्फ 20-30 लाख में बेची गई, जबकि इसका मार्केट प्राइस 3.50 करोड़ से ज्यादा था।

फडणवीस ने इसके सभी सबूत सेंट्रल एजेंसीज को देने की बात भी कही थी। माना जा रहा है कि इसी मामले में कार्रवाई करते हुए ED की टीम ने मलिक को पूछताछ के लिए उठाया है। हालांकि ED की ओर से इस पर अभी कोई बयान जारी नहीं किया गया है।


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