मसाले के रेट में बड़ा उछाल
नॉर्दर्न स्पाइसेज ट्रेडर्स असोसिएशन के प्रेजिडेंट रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में गुजरात और राजस्थान से जीरे की सप्लाई होती है। लेकिन, दो महीने पहले वहां हुई बारिश के चलते जीरे की फसल बर्बाद हो गई। नतीजतन, 200 से 300 रुपये किलो के हिसाब से बिकने वाले जीरे की कीमत थोक बाजार में लगभग 700 रुपये प्रति किलो हो गई है। जबकि, रिटेल दुकानों पर जीरा 750 से लेकर 850 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।हल्दी और कुछ और मसाले हुए महंगे
जीरा के अलावा हल्दी की कीमत में भी बढ़ोतरी की खबर है। इसके कीमत 140 से 150 रुपये किलो हो गई है। करीब दो महीने पहले यह 70 से 80 रुपये किलो बिक रही थी। इसके अलावा बड़ी इलायची की कीमत 1050 रुपये किलो हो गई है। तीन महीने पहले इसकी कीमत 650 रुपये किलो थी। साथ ही, लाल मिर्च की कीमत में करीब 40 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है।
अरहर दाल में उछाल
दाल कारोबारी गौरव ने बताया अरहर दाल की कीमत में तेजी आई है। बीते तीन महीने के दौरान इसमें करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण पैदावार कम होना है। हालांकि, अफ्रीकी देशों से इसकी सप्लाई अगस्त के अंत तथा सितंबर की शुरुआत में हो जाएगी। कारोबारियों का कहना है कि अगले महीने अरहर दाल के दाम की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
अचानक गिरा टमाटर का भाव
टमाटर की बढ़ी महंगाई के चलते लोगों के किचन से टमाटर लगभग गायब हो गया था, लेकिन अब टमाटर की आवक बढ़ने से शुक्रवार को अचानक टमाटर का भाव गिर गया। टमाटर की जो थोक कीमत मंडी में 200 रुपये किलो थी, शुक्रवार को उसकी कीमत अचानक 120 रुपये प्रति किलो हो गई। आजादपुर सब्जी मंडी के वेजिटेबल ट्रेडर्स असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अनिल मल्होत्रा ने बताया कि अचानक टमाटर के गिरे भाव के चलते व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
टमाटर की बढ़ी महंगाई के चलते लोगों के किचन से टमाटर लगभग गायब हो गया था, लेकिन अब टमाटर की आवक बढ़ने से शुक्रवार को अचानक टमाटर का भाव गिर गया। टमाटर की जो थोक कीमत मंडी में 200 रुपये किलो थी, शुक्रवार को उसकी कीमत अचानक 120 रुपये प्रति किलो हो गई। आजादपुर सब्जी मंडी के वेजिटेबल ट्रेडर्स असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अनिल मल्होत्रा ने बताया कि अचानक टमाटर के गिरे भाव के चलते व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।











